भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की मुलाकात में दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाने के कई रास्तों पर बात हुई. इसमें व्यापार और निवेश के साथ रक्षा उत्पादन, न्यूक्लियर एनर्जी, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे शामिल रहे.
पीएम मोदी ने कहा कि बातचीत में भारत-EFTA समझौते के बाद व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए नए मौके पैदा करने पर बात हुई.
डिफेंस से न्यूक्लियर एनर्जी तक एजेंडा
बैठक में रक्षा उत्पादन को लेकर भी चर्चा हुई. न्यूक्लियर एनर्जी का मुद्दा भी बातचीत का हिस्सा रहा. इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों की आवाजाही से जुड़े विषयों पर दोनों पक्षों ने बात की. इसके अलावा, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. यानी बातचीत का दायरा सिर्फ सरकार से सरकार के रिश्तों तक नहीं रहा, इसमें कारोबार से लेकर युवाओं के अवसर तक कई पहलू शामिल रहे.
तीन दिन के भारत दौरे पर पार्मेलिन
गाइ पार्मेलिन सोमवार से तीन दिन के भारत दौरे पर हैं. यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है. हालांकि, इस साल फरवरी में वह एआई इंपैक्ट समिट में शामिल होने भारत आए थे. इस दौरे से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पार्मेलिन से मुलाकात की. दोनों के बीच भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई.
पार्मेलिन को भारत के खास तोहफे
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने पार्मेलिन को भारत के तीन खास चीज - गुलमर्ग, कोणार्क और यूर - भेंट किए. साथ में कश्मीरी अखरोट की लकड़ी से हाथ से बनाया गया वॉल पैनल भी दिया गया. गाइ पार्मेलिन की पत्नी कैरोलिन पार्मेलिन को कच्छी शॉल साडेली बॉक्स में रखकर भेंट की गई. इन तोहफों में कश्मीर से लेकर गुजरात तक भारत की अलग-अलग कारीगरी की झलक दिखाई दी.