किसी भी केमिकल को बंद करने की बात करिए तो हमारे एग्रो केमिकल कंपनियां और हमारे कृषि वैज्ञानिक खाद्य सुरक्षा का मुद्दा आगे कर देते हैं. ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि आखिर बड़ा क्या है?
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ- 32 मुकाबले में कोलंबिया ने घाना को 1-0 से हरा दिया है. इस जीत के साथ ही कोलंबिया ने टूर्नामेंट में अपनी अजेय लय को बरकरार रखते हुए राउंड ऑफ-16 में पक्की कर ली है.
लगातार पड़ रही हीटवेव और कम बर्फबारी की वजह से स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो इस साल भी बर्फ का बड़ा नुकसान हो सकता है.
स्विट्जरलैंड में जारी अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच 12 अरब डॉलर की फ्रीज राशि को लेकर नया विवाद सामने आया है. अमेरिका चाहता है कि इस रकम का उपयोग कृषि उत्पाद और मानवीय जरूरतों की वस्तुएं खरीदने में हो, जबकि ईरान का कहना है कि फंड जारी होने के बाद उसके इस्तेमाल का फैसला वही करेगा. इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच जारी बातचीत को और जटिल बना दिया है.
ईरान-अमेरिका समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी है. अब तक 30 भारत से जुड़े जहाज सुरक्षित रूप से इस अहम समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं. ट्रैफिक सामान्य होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय आयात को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता में ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के कारण वार्ता से वॉकआउट कर दिया था. ईरानी वार्ताकार गलिबाफ ने अब साफ किया है कि ईरान किसी भी दबाव में बातचीत नहीं करेगा. उन्होंने बताया कि वार्ता से वॉकआउट के बाद अमेरिकी पक्ष ने मीडिएटर के जरिए दोबारा मीटिंग की मांग की थी, लेकिन ईरान ने मना कर दिया.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान बातचीत चल रही शांति वार्ता एक बार फिर बेपटरी हो गई है. डोनाल्ड ट्रंप की धमकियाों के विरोध में ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने पहले दौर की वार्ता बीच में छोड़ दी है. ईरान ने ट्रंप की धमकियों को बातचीत के माहौल के खिलाफ बताया है. साथ ही ईरान ने साफ किया कि जबतक लेबनान पर समाधान नही निकलेगा तब तक दूसरे विषयों पर बातचीत मुमकिन नहीं है.
अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरान से हुई बातचीत को बहुत अच्छा बताया है. उनका कहना है कि इससे एक बड़े शांति समझौते की नींव पड़ गई है. अमेरिका ने ईरान पर से 60 दिन के लिए प्रतिबंध भी हटा दिए हैं. होर्मुज में फिर से टैंकर चलने लगे हैं और तेल की कीमतें गिरी हैं.
अमेरिका-ईरान वार्ता और डॉलर में कमजोरी के बीच सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया है. MCX पर सोना 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.38 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई. इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से भी कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान बातचीत का एक वीडियो वायरल है. इस वीडियो में ऐसा दिख रहा है कि कतर ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अनदेखी की. कतर भी पाकिस्तान की तरह ही ईरान-अमेरिका की बातचीत में मध्यस्थ है. कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से गले मिलते हैं और पाकिस्तानी आर्मी चीफ का अभिवादन करते हैं. वो जेडी वेंस के सामने से गुजर जाते हैं लेकिन उनकी तरफ देखते तक नहीं. देखें वीडियो.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान की हाई प्रोफाइल बातचीत के दौरान एक तरफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची बैठक छोड़कर बाहर निकल गए, तो दूसरी तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक बयान सोशल मीडिया पर छा गया. वेंस ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी जिंदगी में दो सबसे महत्वपूर्ण लोग हैं, एक भारतीय और एक पाकिस्तानी. भारतीय उनकी पत्नी उषा वेंस हैं, जबकि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं.
स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता का पहला राउंड तनाव से भरा रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने वार्ता से वॉकआउट कर दिया. ईरानी डेलीगेशन गुस्से में कमरे से बाहर निकल गया, जिससे पाक पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर हैरान रह गए.
स्विट्जलैंड में हुी अमेरिका-ईरान वार्ता पूरी तरह बेनतीजा निकली. ईरान ने ट्रंप के बयानों को बातचीत के माहौल के खिलाफ बताया है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता नहीं होती है, तो ईरान का डेलिगेशन अपने देश वापस नहीं जा पाएगा. वार्ता के दौरान ही ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि ईरान को लेबनान में अपने प्रॉक्सी समूहों को रोकना होगा.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिर से बिना किसी परिणाम के खत्म हो गई. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की धमकियों के विरोध में ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने पहले दौर की बातचीत को बीच में ही छोड़ दिया और बाहर निकल गया. यह वार्ता पश्चिम एशिया क्षेत्र की शांति को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही थी.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता में कई अहम मुद्दों पर प्रगति हुई है. राजनीतिक स्तर की बैठक खत्म हो चुकी है, लेकिन समझौते के तकनीकी पहलुओं पर काम करने के लिए टीमें बातचीत जारी रखेंगी.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने आगे की प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और भविष्य की वार्ताओं के लिए रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी. क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक विषयों और समुद्री मार्गों से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे. अब सभी की नजरें अगले चरण की बातचीत और संभावित समझौते पर टिकी हैं.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहले दौर की वार्ता तनावपूर्ण रहा. लेबनान में जारी तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी की वजह से बात बिगड़ते हुए नजर आई. ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रंप के बयान के विरोध में थोड़े देर के लिए बैठक छोड़ दी थी, लेकिन बाद में बातचीत जारी रखने की इच्छा भी जाहिर की.
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन मतभेद भी खुलकर सामने आए. क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिबंधों और संघर्ष से जुड़े विषयों पर दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख ने बातचीत को चुनौतीपूर्ण बना दिया. इसके बावजूद संवाद जारी रखने की सहमति बनी हुई है. इस बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके नतीजे क्षेत्रीय और वैश्विक हालात को प्रभावित कर सकते हैं.
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बीच में ही अटक गई है. डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के कारण ईरान वार्ता से वॉकआउट कर गया है. वहीं, इजरायल ने अमेरिका से अलग अपनी रणनीति अपनाई है और लेबनान पर हमले जारी रखे हैं, जिससे मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही उच्चस्तरीय शांति वार्ता एक बार फिर संकट में घिर गई है. पहले दौर की बातचीत के बावजूद ईरान ने साफ कर दिया है कि भविष्य की वार्ताएं इस बात पर निर्भर करेंगी कि लेबनान में इजरायली हमले बंद होते हैं या नहीं.
पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते की दिशा में स्विट्जरलैंड में अहम वार्ता हो रही है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दावा किया है कि कतर में फ्रीज किए गए 6 अरब डॉलर वापस किए जाएंगे और अमेरिका ने ईरान के कई अधिकारों को स्वीकार कर लिया है.