संसद के मॉनसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को अहम बैठक की. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ऑफिस में हुई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, जेडीयू के नेता ललन सिंह, टीडीपी के राम मोहन नायडू समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. बैठक सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई और एक घंटे से ज्यादा समय तक चली.
बैठक में मॉनसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, विपक्ष के संभावित मुद्दों और संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की गई. सरकार इस सत्र में कई अहम कानूनों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है.
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सरकार जिन पांच नए विधेयकों को संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है, उनमें इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं. इनमें से इनकम टैक्स और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े विधेयक अध्यादेशों की जगह लाए जाएंगे.
पहले से लंबित दो विधेयक भी पेश किए जाएंगे
इसके अलावा सरकार दो पहले से लंबित विधेयकों को भी आगे बढ़ाएगी. इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, जिसे 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था, और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025, जिसे 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश कर संयुक्त समिति को भेजा गया था, जो कि मौजूदा सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों में शामिल हैं.
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सरकार की इन विधेयकों पर होगी प्राथमिकता
माना जा रहा है कि मॉनसून सत्र में सरकार आर्थिक सुधार, न्यायिक व्यवस्था, शिक्षा और एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े अहम विधेयकों को प्राथमिकता देगी. वहीं विपक्ष भी कई राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. ऐसे में आगामी मॉनसून सत्र के दौरान संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है.