उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां स्कूल प्रिंसिपल शिखा सिंह चाकू और चापड़ जैसे धारदार हथियार लेकर स्कूल पहुंच गईं. उन्हें हथियारों के साथ देखकर स्कूल में मौजूद बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों हथियार अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी. घटना प्राथमिक विद्यालय लुकिया की बताई जा रही है.
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जब उनसे हथियार लेकर स्कूल आने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा, 'मैं एकदम असुरक्षित महसूस कर रही हूं. पहले भी कहा है- अब मैं बार-बार नहीं बताऊंगी. मैं असुरक्षित हूं, इसलिए यह लेकर आई हूं. अभी मैं किसी का नाम नहीं लूंगी.' उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें किससे खतरा महसूस हो रहा है.
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय भेजा गया. प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर में भय का वातावरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
खंड शिक्षा अधिकारी नीरज उमराव ने बताया आज सुबह मुझे जानकारी मिली थी कि प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज प्रिसिंपल शिखा सिंह चाकू और चापड़ लेकर विद्यालय में आई हुई हैं. मैं वहां से तुरंत विद्यालय आया और फिर एक अभिभावक का भी मुझे फोन आया कि रास्ते में इनके द्वारा एक-दो अभिभावकों को चाकू और चापड़ दिखाया गया. मैं यहां पर आया हुआ हूं, शिक्षकों से भी बयान ले रहा हूं और प्रिंसिपल के घर में भी मैंने उनके पति से बात की है.
उन्होंने बताया है कि इनकी मानसिक स्थिति शायद कुछ खराब है .तो मैंने उनको स्कूल बुलाया है कि आप आ जाइए. वह परिवार के कुछ सदस्यों को भेज रहे हैं. पुलिस भी आई हुई है, तो पुलिस भी मैडम का बयान ले रही है. चाकू-चापड़ पुलिस ने अपने पास रख लिया है. और अब मैं आगे की कार्रवाई के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय को रिपोर्ट बनाकर भेजूंगा .