इटली स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है. हाल ही में वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस बात का ऐलान किया था. इससे पहले पिछले ही महीने एक और यूरोपीय कंट्री पुर्तगाल ने भी अपने बुर्के पर बैन लगाया है. चलिए ऐसे में जानते हैं कि दुनिया में ऐसे कितने देश हैं, जहां बुर्के पर पूरी तरह से या आंशिक तौर पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
यूरोप में फ्रांस ने यूरोप में चेहरे को ढकने पर प्रतिबंध लगाने की शुरुआत की थी. फ्रांस 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला यूरोपीय देश बन गया. आज यूरोप में कई देशों में सार्वजनिक जगहों या ऐसे परिसर जैसे स्कूल, कॉलेज या सिक्योरिटी वाले जगहों पर बुर्का बैन है.
इसी तरह स्वीडन में धार्मिक पोशाक पर कोई प्रतिबंध नहीं है और सार्वजनिक जीवन में बुर्का अभी भी मान्य है. वहां राष्ट्रीय नीति व्यक्तिगत अधिकारों को प्राथमिकता देती है, हालांकि कुछ नगरपालिकाओं ने एकीकरण और लैंगिक समानता का हवाला देते हुए स्कूलों में कुछ विशेष प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया है. इन प्रयासों से बहस छिड़ी है, लेकिन अभी तक राष्ट्रीय नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है.
पूरी दुनिया में 24 देशों ने सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले कपड़े यानी बुर्का पहनने पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं. हालांकि ज्यादातर मामलों में यह बैन केवल सार्वजनिक भवनों पर ही लागू होता है.
इन देशों में बैन है बुर्का
दिलचस्प बात यह है कि इनमें लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं और तानाशाही शासन वाले देशों के साथ- साथ मुस्लिम बहुल और गैर-मुस्लिम बहुल देश शामिल हैं. ये देश हैं - अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा, चाड, चीन, डेनमार्क, फ्रांस , गैबॉन, कोसोवो, किर्गिस्तान, लातविया, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, ताजिकिस्तान, ट्यूनीशिया, तुर्कमेनिस्तान, तुर्की और उज़्बेकिस्तान.
इन देशों की श्रेणी में ही जल्द इटली भी शामिल होने वाला है. इटली ने वहां बढ़ रही प्रवासियों की संख्या को कंट्रोल करने पर भी काम कर रही है. वैसे भी इटली में पहले से ही सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढंकना मना है. 1975 के आतंकवाद विरोधी कानून के तहत सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकना प्रतिबंधित किया गया था.