कैप्टन मनमोहन सिंह विरदी हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है. परिवार ने आरोपी हुसैन शत्ताफ के संयुक्त अरब अमीरात से जल्द प्रत्यर्पण की मांग की है. मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त अधिकारी कैप्टन मनमोहन सिंह विरदी की हत्या के लगभग दो दशक बाद उनके परिवार ने यह अपील की है. परिवार का कहना है कि आरोपी की गैर-मौजूदगी के कारण हत्या का मुकदमा वर्षों से ठप पड़ा है. उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है.
पीड़ित के भाई एवं मामले के मूल शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त कैप्टन मनजीत सिंह विरदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए अपने ज्ञापन में कहा है कि केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठाकर आरोपी को भारत लाए, तभी अदालत में उस पर मुकदमा चलाया जा सकेगा. यह मामला वर्ष 2006 में लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन, पुणे में दर्ज एफआईआर संख्या 46/2006 से जुड़ा है. फिलहाल यह मामला वडगांव मावल की सत्र अदालत में लंबित है.
सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया था हत्या का मुकदमा
कैप्टन विरदी ने अपने पत्र में कहा कि पीड़ित परिवार ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा आरोपी को डिस्चार्ज किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2023 को हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए हत्या के मुकदमे को फिर से बहाल कर दिया था. हालांकि, मुकदमा बहाल होने के बावजूद आरोपी के अदालत में पेश न होने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी है. परिवार का कहना है कि गंभीर आपराधिक मुकदमा लंबित होने के बावजूद आरोपी अब तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुआ है और कानून की प्रक्रिया से बचता रहा है.
इससे हत्या के बाद से ही परिवार को लगातार न्याय से वंचित रहना पड़ रहा है.
प्रतिनिधित्व वाले ज्ञापन में कहा गया है कि 20 नवंबर 2025 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया था कि महाराष्ट्र गृह विभाग 31 अक्टूबर 2025 को प्रत्यर्पण का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज चुका है. इसके बावजूद अब तक आरोपी को भारत नहीं लाया जा सका है, जिससे मुकदमे की कार्यवाही पूरी तरह ठप पड़ी हुई है.
कैप्टन विरदी ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर हुसैन मोहम्मद शट्टाफ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि उसे भारत लाकर सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा सके.
परिवार ने यह भी सवाल उठाया है कि हाल के वर्षों में यूएई से कई अन्य भगोड़े आरोपियों का प्रत्यर्पण भारत हो चुका है, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.उन्होंने कहा कि आरोपी हुसैन मोहम्मद शत्ताफ़ की लंबे समय से अनुपस्थिति के कारण न्याय मिलने में लगातार देरी हो रही है. कैप्टन विरदी, जो अब सुपर सीनियर सिटीजन हैं, आज भी इस उम्मीद में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं कि उनके भाई की हत्या के मामले में आखिरकार न्याय मिलेगा.
भारत सरकार ने शुरू की प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
हालांकि भारत सरकार ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है. विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने वर्ष 2006 के कैप्टन मनमोहन सिंह विरदी हत्याकांड में हुसैन मोहम्मद शक्ताफ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पहले ही यूएई के साथ राजनयिक माध्यमों से शुरू कर दी है.हुसैन शत्ताफ़ पर हत्या के अलावा जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने सहित कई अन्य आपराधिक मामलों में भी आरोप हैं.
जांच एजेंसियों का आरोप है कि हत्या के मामले में नाम सामने आने के बाद वह भारत से फरार होकर यूएई में रह रहा है.हुसैन शत्ताफ़ के खिलाफ इंटरपोल ने कैप्टन मनमोहन सिंह विरदी की हत्या के मामले में रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) भी जारी कर रखा है.