गुजरात के सूरत में मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों के लिए सिरदर्द बना एक शातिर चेन स्नेचर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. महज 19 साल की उम्र में आरोपी ने आसान तरीके से पैसे कमाने के लिए अपराध का रास्ता चुना और सुबह-सुबह सुनसान सड़कों पर अकेले टहल रहे महिला-पुरुषों को अपना निशाना बनाने लगा. उसकी गिरफ्तारी के साथ ही शहर में हुई सात चेन स्नेचिंग की वारदातों का खुलासा हुआ है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान देव उर्फ योगेश वाघेला के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी को महंगे कपड़े पहनने, स्पोर्ट्स बाइक चलाने और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने का शौक था. इन्हीं शौकों को पूरा करने के लिए उसने चेन स्नेचिंग शुरू कर दी.
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सूरत क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को चंद्रशेखर आजाद ब्रिज के पास से गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने शहर के अलग-अलग इलाकों में सात वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की.
5.75 लाख का माल और स्पोर्ट्स बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपी की तलाशी के दौरान उसके कब्जे से लूटी गई दो असली सोने की चेन बरामद कीं. इनकी बाजार कीमत करीब 4 लाख 25 हजार 550 रुपये बताई गई है.
इसके अलावा वारदातों में इस्तेमाल की गई यामाहा स्पोर्ट्स बाइक भी जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है. इस तरह पुलिस ने कुल 5 लाख 75 हजार 550 रुपये का माल बरामद किया है.
पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सूरत के दो अनसुलझे मामलों का भी खुलासा किया. इनमें सिंगणपोर-डभोली और पाल थाना क्षेत्र में दर्ज चेन स्नेचिंग के मामले शामिल हैं.
सुबह की सैर पर निकले लोगों को बनाता था निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की मोडस ऑपेरेंडी बेहद शातिर थी. वह तड़के सुबह पॉश इलाकों में बाइक से घूमता था और अकेले मॉर्निंग वॉक कर रहे महिला या पुरुष को देखकर तेज रफ्तार से उनके पास पहुंचता और गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो जाता था.
आरोपी ने स्वीकार किया कि 27 अप्रैल 2026 को उसने पाल-उमरा ब्रिज पर एक बुजुर्ग की सोने की चेन छीनी थी. इसके कुछ दिन बाद उसी इलाके में एक अन्य बुजुर्ग की चेन तोड़ने की कोशिश की, लेकिन चेन नकली निकली तो उसे वहीं फेंककर भाग गया.
इसके अलावा उसने पाल कैनाल रोड, ईडन गार्डन सोसायटी, गेंदा सर्कल, राजहंस सर्कल और अडाजण के कई इलाकों में भी चेन स्नेचिंग और चेन छीनने की कोशिश करने की बात कबूल की है. कई वारदातों में वह सफल रहा, जबकि कुछ में लोगों के विरोध के कारण भागना पड़ा.
पढ़ाई छोड़ी, आसान तरीके से पैसे कमाने के लिए बना अपराधी
पुलिस के मुताबिक, देव वाघेला की पढ़ाई में कभी रुचि नहीं थी. उसने 12वीं की परीक्षा से पहले ही पढ़ाई छोड़ दी थी. कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की चाहत और लग्जरी लाइफस्टाइल ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया.
पिछले छह महीनों से वह लगातार चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहा था. उसके खिलाफ पहले भी गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत मामला दर्ज हो चुका है.
फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है और शहर की अन्य चेन स्नेचिंग की घटनाओं में भी उसकी भूमिका रही है.
DCP बोले- रथयात्रा के दौरान पेट्रोलिंग में मिली सफलता
सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि आषाढ़ी दूज रथयात्रा के दौरान शहर में क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार सुबह और शाम पेट्रोलिंग कर रही थीं. इसी दौरान इंस्पेक्टर जे.जी. पटेल और पीआई जे.एन. गोस्वामी को सूचना मिली कि 10 जुलाई की चेन स्नेचिंग में शामिल आरोपी देव योगेशभाई वाघेला चंद्रशेखर आजाद ब्रिज से गुजरने वाला है.
सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने सात से अधिक चेन स्नेचिंग की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की. पुलिस ने उसके कब्जे से दो सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई यामाहा बाइक बरामद की है.
डीसीपी ने बताया कि आरोपी सिंगणपोर, डभोली, पाल, अडाजण और उमरा जैसे इलाकों में सुबह या शाम अकेले निकलने वाली महिलाओं और मॉर्निंग वॉकर्स को निशाना बनाता था. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है या नहीं.