भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया. भारत का कहना है कि पाकिस्तान से सीमा पार अवैध घुसपैठ को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके साथ ही भारत ने 2 अक्टूबर को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई घटना को लेकर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. भारत ने इन्हें बेबुनियाद और खास मकसद से लगाए गए आरोप बताया.
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी पक्ष को घटना की पूरी जानकारी दी. भारत ने बताया कि तीन लोग पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा के अंदर घुस आए थे. सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने उन्हें कई बार चेतावनी दी कि वे वापस पाकिस्तान लौट जाएं. इसके बावजूद वे लोग रुके नहीं और सीमा पर लगी बाड़ की तरफ बढ़ते रहे. हालात को देखते हुए बीएसएफ को उन पर कार्रवाई करनी पड़ी, क्योंकि वे सुरक्षा के लिए तुरंत खतरा बन चुके थे.
भारत ने साफ कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है. यह इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान से काम करने वाले हथियारबंद नशा तस्करों के गिरोह बार बार सीमा पार आने की कोशिश करते हैं. भारत ने पाकिस्तान सरकार से मांग की कि वह इन घुसपैठों और नशे की तस्करी की जांच कराए. साथ ही पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों की मिलीभगत की भी जांच हो और इस पर जरूरी सुधार के कदम उठाए जाएं.
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भारत ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान करे. दोनों देशों के बीच जो आपसी समझौते और व्यवस्थाएं हैं, उनका सख्ती से पालन किया जाए. पाकिस्तान को यह भी कहा गया कि वह अपने बलों को निर्देश दे कि वे अपनी तरफ से बिना इजाजत होने वाली आवाजाही को रोकने के लिए असरदार नियंत्रण रखें. भारत ने चाहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिनसे इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
भारत ने एक तरफ घुसपैठ और नशा तस्करी पर पाकिस्तान को घेरा, तो दूसरी तरफ फिरोजपुर की घटना पर लगे आरोपों को गलत बताया. यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली से जारी की.