नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी संग्राम छिड़ा है. जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के प्रोटेस्ट और संसद मार्च की तैयारियों के बीच विपक्ष भी आक्रामक हो गया है. विपक्षी दलों ने मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया. दोनों सदनों में इस मुद्दे पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 10 मिनट भी नहीं चल सकी और 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में दूसरे दिन भी यह मुद्दा उठाया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कल एक घटना हुई. उन्होंने कहा कि उस घटना में हमारे जो छात्र पेपर लीक और नीट परीक्षा को लेकर आवाज उठा रहे हैं, उनके ऊपर लाठीचार्ज किए. आंसू गैस के गोले दागे, उनको मारा. खड़गे ने कहा कि आज कई हॉस्पिटल में हैं. सुनना चाहिए.
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि चर्चा करने का मौका दो. हम चाहते हैं कि इस पर बात हो कि क्यों छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया. सरकार खुद उकसा रही है कि देश में अराजकता हो और फिर लाठीचार्ज किया जाए, मारा जाए और डराकर उनको जेल में डाला जाए. खड़गे ने कहा कि ये अराजकता जनता या विपक्ष नहीं, सरकार कर रही है.
यह भी पढ़ें: सड़कों पर प्रदर्शनकारी, संसद में बैठकों का दौर... मॉनसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में दिखा हाई-वोल्टेज ड्रामा
उन्होंने आरोप लगाया कि कल सांसदों को जेल की तरह अंदर रखा गया. जब सांसदों को सुरक्षा नहीं है, तो किसको है. हम इसकी निंदा करते हैं. सरकार की ओर से इस दावे कि सरकार युवाओं के साथ है, इस बयान पर खड़गे ने तंज करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के साथ है ्लाठीचार्ज करने के लिए, बच्चियों के कपड़े फाड़ने के लिए, टोंट मारने के लिए साथ है.
यह भी पढ़ें: संसद में जोरदार हंगामा, लोकसभा में लिए जा रहे लिस्टेड बिजनेस, राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित
मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में स्टूडेंट प्रोटेस्ट, नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की मांग की. वहीं, लोकसभा में राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों के डेलीगेशन ने स्पीकर ओम बिरला से भी मुलाकात की है. विपक्षी सांसदों ने ओम बिरला से मुलाकात स्पीकर के चैंबर में की है. बताया जाता है कि विपक्षी सांसदों ने नीट पर चर्चा की मांग स्पीकर के सामने रखी है.