पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मैदान इलाके में जिस महिला को जिंदा जला दिया गया था, उसकी मौत हो गई है. ईडन गार्डन्स के पास एक 30 साल की महिला को कथित तौर पर केरोसिन डालकर आग के हवाले कर दिया गया था. गंभीर रूप से झुलसी महिला का SSKM अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उसने दम तोड़ दिया.
ये घटना 3 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे गंगा सागर मैदान के पास हुई थी. आरोपी की पहचान सिद्धार्थ चारीवाल के रूप में हुई है जिसने पीड़िता को उस सुनसान इलाके में बुलाया. यहां मृतका और आरोपी के बीच किसी बात पर बहस हुई. बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने महिला पर केरोसिन डालकर उसे आग लगा दी.
मृतका की मां के मुताबिक, उनकी बेटी को एक इंटरव्यू के बहाने गंगा सागर मैदान बुलाया गया था. उन्होंने जब शाम 4 बजे जब बेटी को फोन किया, तो एक पुलिस अधिकारी ने फोन उठाया और घटना की जानकारी दी. इस हादसे में उनकी बेटी 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी. मरने से पहले महिला ने अपनी मां और पुलिस को दिए बयान में बताया था कि सिद्धार्थ ने ही उस पर केरोसिन डालकर आग लगाई थी.
शादी का दबाव बना रहा था आरोपी
मृतका की मां का दावा है कि आरोपी उस पर शादी के लिए दबाव बना रहा था. अपने आखिरी शब्दों में उसने बताया था कि उसने शादी से इनकार कर दिया था क्योंकि दोनों के धर्म अलग थे. उसने कहा था, 'तुम हिंदू हो और मैं मुस्लिम, मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती.' आरोपी ने उसे नौकरी का लालच भी दिया था, जिसे उसने ठुकरा दिया था.
पुलिस ने बयान के आधार पर आरोपी सिद्धार्थ चारीवाल को बेलियाघाटा से गिरफ्तार कर लिया है. शनिवार को उसे बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई. लोक अभियोजक अरूप चक्रवर्ती ने बताया कि शुरुआत में ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत दर्ज किया गया था.
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अब महिला की मौत के बाद, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र मिलते ही इसे धारा 103 (हत्या) के मामले में बदल दिया जाएगा.