
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है. हादसे के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने चोरबागान पंडाल के आसपास और उत्तर व मध्य कोलकाता से सटे इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू कर दी है. इसके तहत कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों पर लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है.
यह प्रतिबंध 20 अक्टूबर तक लागू रहेगा. पश्चिम बंगाल के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया है. उन्होंने बताया कि स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है. मुख्यमंत्री खुद हालात का जायजा ले रहे हैं. इसके साथ ही, पुलिस और अग्निशमन अधिकारी दूसरे पंडालों में जाकर सुरक्षा-व्यवस्था की भी जांच कर रहे हैं. ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो.
मंत्री कौशिक चौधरी के मुताबिक, हादसे को लेकर थोड़ी देर में मुख्यमंत्री एक बैठक करने वाले हैं. फिलहाल घटनास्थल को सील कर दिया गया है. फोरेंसिक टीम, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौके की जांच कर रहे हैं.
7 लोगों को गिरफ्तार किया गया
अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री ने भी मृतकों के परिवार के लिए आर्थिक मुआवजे का ऐलान किया है.
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एक अधिकारी ने बताया, 'हमने चोरबागन की घटना की जांच के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमारे अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं जिससे यह पता लगाया जा सके कि यह घटना किस कारण हुई. अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.'
मृतकों में महिलाएं-बच्चे शामिल

हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों में 13 महिलाएं शामिल हैं. इस दर्दनाक हादसे में महिलाओं और बच्चों की सबसे ज्यादा मौत हुई है.
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे और एक सरकारी नौकरी का ऐलान किया है. साथ ही घायलों के मुफ्त इलाज और 5-5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है.