
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस पार्टी को कई सवालों के जवाब देने की चुनौती दी है. शनिवार को किरेन रिजिजू ने एक्स पर कहा कि एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर हमारे संविधान और भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रही है.
रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 44 सांसद कैसे मिले, जबकि इलेक्शन कमिश्नर्स की नियुक्ति उनकी ही सरकार ने की थी. उन्होंने पूछा कि जब 2024 में ज्ञानेश कुमार सीईसी नहीं थे, तब कांग्रेस को लगातार तीसरी बार हार का सामना कैसे करना पड़ा.
इसके अलावा उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे और 2014 से 2026 के बीच सरकारें बनाने के लिए माफी भी मांगेंगे?
रिजिजू ने चौथा सवाल पूछा कि वोटर लिस्ट से उन सभी लोगों के नाम हटा देने चाहिए या नहीं, जो इललीगल इमिग्रेंट्स, मृत, शिफ्टेड या डुप्लीकेट हैं. अपने पांचवें सवाल में उन्होंने पूछा कि क्या 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 में किए गए एसआईआर अवैध थे?

बता दें, विपक्ष ने वोट चोरी के आरोपों और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं. इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को 'वोट चोरी' के मुद्दे पर रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने की भी योजना बनाई है. विपक्षी गठबंधन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में अनियमितताएं हुई हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक पार्टी का नहीं है. उन्होंने उन सभी लोगों को बुलाया है जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार से तंग आ चुके हैं.
साथ ही उन लोगों से भी आने को कहा गया है, जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं और संविधान की रक्षा करना चाहते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि एक ही प्रोटेस्ट है और वह देश का प्रोटेस्ट है.