धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है. (Photo- X/@JoshiPralhad) Jantar Mantar News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है. आंदोलन खत्म होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल खाली कर दिया है. करीब डेढ़ महीने तक आंदोलन का केंद्र रहे जंतर-मंतर पर अब सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया चल रही है.
प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद NDMC ने जंतर-मंतर पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है. धरना स्थल से टेंट, बैरिकेड और अन्य अस्थायी व्यवस्थाएं हटाई जा रही हैं, जबकि पूरे इलाके की साफ-सफाई का काम भी जारी है. अधिकारियों की टीम प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह सामान्य स्वरूप में लाने में जुटी हुई है.
वहीं चार दिन की बंदी के बाद दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन यात्रियों के लिए फिर से खोल दिए गए हैं. सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट सामान्य रूप से शुरू हो गई है. आंदोलन खत्म होने के साथ अब सरकार की ओर से घोषित परीक्षा सुधारों और अन्य फैसलों की पूर्ती पर नजर रहेगी.
आज के तमाम लेटेस्ट अपडेट्स के लिए बने रहिए आजतक के इसी लाइव पेज पर...
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आज कर्तव्य भवन में आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया. प्रह्लाद जोशी के पास पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है. कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.
बैठक में विभिन्न योजनाओं और मंत्रालय की अन्य पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई. इस दौरान केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मौजूद रहे. उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टी.के. अनिल कुमार समेत मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए.
20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली की सड़कों पर छात्र आंदोलन अपने सबसे बड़े उफान पर था. विजय चौक से शुरू हुई रिपोर्टिंग रेल भवन, संसद मार्ग और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन तक पहुंची. इंटरनेट बंद था, बैरिकेड टूट रहे थे, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने थे. यह उस दिन की आंखों देखी है, जब लोकतंत्र की सबसे तेज आवाज संसद के बाहर सुनाई दे रही थी.
ये भी पढ़ें: 20 जुलाई को जब संसद के बाहर सड़कों पर गूंज उठा युवाओं का गुस्सा... तो मैंने क्या देखा
NEET विवाद से शुरू हुआ Gen-Z आंदोलन सिर्फ छात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध की नई मिसाल बनकर उभरा. नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के आंदोलनों से अलग भारत के युवाओं ने मीम्स, संवाद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखी. इस आंदोलन ने दिखाया कि बदलाव सिर्फ सत्ता बदलने से नहीं, विरोध की भाषा बदलने से भी आता है.
ये भी पढ़ें: ना ईस्ट-ना वेस्ट... भारत का Gen-Z आंदोलन सबसे बेस्ट
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा है. राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पैलेट गन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है.
पढ़ें पूरी खबर- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया, पैलेट गन चलाने की मंजूरी कैसे? राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रह्लाद जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय संभाल रहे हैं. उनके मुताबिक, इससे साफ होता है कि मोदी सरकार शिक्षा को कितनी अहमियत देती है.
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार को सिर्फ एक मंत्री नियुक्त करना था, इसलिए प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दे दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि एक RSS पृष्ठभूमि वाले मंत्री के जाने के बाद सरकार ने फिर एक RSS पृष्ठभूमि वाले नेता को ही शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी है.
जंतर-मंतर पहुंचे एक छात्र ने कहा कि इस आंदोलन ने युवाओं और समाज को एक बड़ी सीख दी है. उन्होंने कहा कि अब लोग सवाल उठाना और जवाब मांगना सीख रहे हैं. छात्र ने कहा, "अब हम बेवकूफ नहीं बनेंगे कि जो दिखाया जाएगा वही देख लेंगे और जो सुनाया जाएगा वही सुन लेंगे. हमने सवाल पूछना सीख लिया है." छात्र ने कहा कि भले ही NEET से जुड़ा यह आंदोलन खत्म हो गया हो, लेकिन भविष्य में भी ऐसे कई मुद्दे सामने आएंगे जिन पर आवाज उठानी होगी. उनके मुताबिक, अगर कहीं भी गलत होगा तो युवा उसके खिलाफ सवाल पूछते रहेंगे.
करीब डेढ़ महीने तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद जंतर-मंतर पर अब पूरी तरह शांति का माहौल है. प्रदर्शन स्थल से मंच, बैनर और पोस्टर हटा दिए गए हैं. कुछ बच्चे और आम लोग जंतर-मंतर घूमने पहुंचे और आंदोलन के दौरान उठाए गए छात्रों के मुद्दों पर अपनी राय भी रखी.
वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है. अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कम की जा रही है, सड़कें पूरी तरह खोल दी गई हैं और इंटरनेट सेवाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं. जंतर-मंतर अब एक बार फिर सामान्य गतिविधियों की ओर लौटता दिखाई दे रहा है. (आशुतोष मिश्रा इनपुट)
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की संयुक्त रैली से पहले मुंबई में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. रैली को देखते हुए शहर के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात के लिए विशेष रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है.
बिहार में JJD नेता तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर पार्टी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. बांकीपुर उपचुनाव की JJD उम्मीदवार वीणा मानवी ने कहा कि 13 तारीख से पार्टी नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन के दिन उन्हें हिरासत में लिया गया था और अब तेज प्रताप यादव को भी गिरफ्तार किया गया है.
वीणा मानवी ने कहा कि अगर पुलिस को किसी बात पर आपत्ति थी तो उसी समय कार्रवाई करनी चाहिए थी. उन्होंने सवाल उठाया कि परिवार के साथ समय बिताने और खरीदारी के दौरान तेज प्रताप यादव को हिरासत में लेने की क्या वजह थी. उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक गिरफ्तारी का कारण भी नहीं बताया गया है.
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया. अर्चिता ने दावा किया कि उनसे यह पोस्ट हटाने के लिए उनकी मां के जरिए दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने पोस्ट हटाने के बजाय इंस्टाग्राम पर इस बारे में भी जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा, "मेरा परिवार DP के साथ है, लेकिन मैं छात्रों के साथ हूं."
करीब एक महीने तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के हटने के साथ ही NDMC ने सफाई अभियान शुरू कर दिया है. प्रदर्शन स्थल को खाली कराया जा चुका है और वहां साफ-सफाई का काम जारी है. अधिकारियों की टीम पूरे इलाके को सामान्य स्थिति में लाने में जुटी हुई है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP द्वारा आंदोलन वापस लेने के ऐलान के एक दिन बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल को हटाने का काम शुरू हो गया है.

मौके पर टेंट, बैरिकेड और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं को हटाया जा रहा है.

CJP ने कल अपना धरना और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी.

दिल्ली मेट्रो ने बताया है कि नेटवर्क के सभी मेट्रो स्टेशन यात्रियों के लिए पूरी तरह खुले हैं. सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट की सुविधा सामान्य रूप से उपलब्ध है और मेट्रो सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं.