ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की भूमिका अनिवार्य है. अमेरिका के युद्ध मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी एलब्रिज कोल्बी ने मंगलवार को नई दिल्ली के अनंता सेंटर (Ananta Centre) में अपने संबोधन में भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी की अहमियत पर बात की. अनंता सेंटर नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित एक स्वतंत्र, नॉ-प्रॉफिट संस्था है जो पब्लिक पॉलिसी, फॉरेन पॉलिसी और जियो-पॉलिटिक्स पर काम करती है.
एलब्रिज कोल्बी ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि एशिया में शक्ति संतुलन बना रहे और कोई एक देश पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर प्रभुत्व न जमाए. उनका इशारा चीन की ओर माना जा रहा है. कोल्बी ने आगे कहा, 'अमेरिका मानता है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने में भारत की भूमिका अहम है. एक मजबूत और आत्मविश्वासी भारत न सिर्फ भारतीयों के लिए बल्कि अमेरिकियों के लिए भी फायदेमंद है.' अपने संबोधन में कोल्बी ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कुछ प्रमुख बिंदु रखे...
1. मतभेद से सहयोग में बाधा नहीं
एलब्रिज कोल्बी ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका हर मुद्दे पर सहमत नहीं होंगे, लेकिन इससे साझेदारी प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के ऐतिहासिक अनुभव और रणनीतिक सोच अलग हैं, फिर भी सहयोग मजबूत हो सकता है.
2. रक्षा सहयोग को मजबूत करना
एलब्रिज कोल्बी ने कहा कि क्षेत्रीय संतुलन के लिए सैन्य शक्ति अहम है. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है. इस संदर्भ में उन्होंने अक्टूबर में हुए ‘मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ समझौते का भी जिक्र किया और बताया कि दोनों देश मिलकर सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं.
3. साथ मिलकर डिफेंस प्रोडक्शन
उन्होंने रक्षा उपकरणों के को-प्रोडक्शन और को-डेवलपमेंट पर जोर दिया. उनका मतलब था कि भारत और अमेरिका एकसाथ मिलकर रक्षा उपकरणों का निर्माण और विकास करें. हालांकि, उन्होंने दोनों देशों के नियमों और प्रक्रियाओं को इस दिशा में बड़ी चुनौतियां बताया. कोल्बी ने कहा कि इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है. कोल्बी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और हिंद-प्रशांत में चीन की सैन्य गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक, मैरीटाइम सर्विलांस, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही, उन्होंने भारत की डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूत करने के प्रयासों का समर्थन किया. कोल्बी ने कहा कि डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता से संप्रभुता और रणनीतिक क्षमता दोनों बढ़ती हैं.