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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बोलकर फंसीं अनुराधा पौडवाल, दी सफाई- मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और देश की शिक्षा व्यवस्था पर दिए बयान के बाद ट्रोल हुईं अनुराधा पौडवाल ने इंस्टाग्राम पर लंबा नोट लिखकर सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को एडिट करके गलत तरीके से पेश किया गया.

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अनुराधा पौडवाल ने दी सफाई (Photo: ITG)
अनुराधा पौडवाल ने दी सफाई (Photo: ITG)

भजन सम्राज्ञी अनुराधा पौडवाल इन दिनों अपने एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में हैं. राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और देश की शिक्षा व्यवस्था पर दिए गए उनके बयान के बाद उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. अब बढ़ते विवाद के बीच सिंगर ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट शेयर कर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

'मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया'

अनुराधा पौडवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह अपने परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों के प्यार और सम्मान के लिए आभारी हैं. उन्होंने कहा कि एक सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति के तौर पर लोगों का भरोसा उनके लिए बेहद मायने रखता है. उन्होंने लिखा कि उनकी बातों को एडिट किए गए और भ्रामक वीडियो के जरिए गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे उनके बयान का असली मतलब बदल गया.

अनुराधा ने कहा- मेरे काम की वजह से ही लोग मेरी बात सुनते हैं और उसे महत्व देते हैं. मेरा हमेशा से मानना रहा है कि शिक्षा ही किसी व्यक्ति और देश की तरक्की की सबसे मजबूत नींव होती है. मैं हमेशा इस सोच के साथ खड़ी रहूंगी.

'मैंने जो कहा था, वह सिर्फ उन रिपोर्ट्स को देखकर अपनी चिंता जाहिर करने के लिए कहा था, जिनमें बताया गया कि देश में 94 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हो चुके हैं और हर दिन औसतन 24 स्कूल बंद हो रहे हैं. यह बात मुझे बहुत हैरान और दुखी करने वाली लगी. इसी तरह, श्री राम लला मंदिर में कथित चोरी की खबर ने भी मुझे बहुत दुख पहुंचाया. इन दोनों बातों ने मुझे अंदर से परेशान किया.'

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'हर भारतीय की तरह मुझे भी अपने देश पर गर्व है और मुझे भारत के उज्ज्वल भविष्य पर पूरा भरोसा है. मेरा मानना है कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी दौलत नहीं, बल्कि उसके बच्चों को मिलने वाली शिक्षा होती है. हमारे स्कूल ही भारत के भविष्य की नींव हैं, इसलिए उन्हें कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत होना चाहिए. मैंने जो बातें कहीं, वे सिर्फ शिक्षा और देश के भविष्य को लेकर अपनी चिंता जताने के लिए थीं.

सिंगर ने की भावुक अपील

दुख जाहिर करते हुए अनुराधा ने आगे कहा- मुझे अपने देश और देश के नेतृत्व पर पूरा सम्मान और विश्वास है. भारत हमेशा से एक मजबूत लोकतंत्र रहा है. मेरा मानना है कि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है. अच्छे विचारों का आदान-प्रदान और अलग-अलग राय ही लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं और देश की प्रगति में मदद करते हैं.

'लेकिन मुझे इस बात का बहुत दुख है कि मेरे बयान को काट-छांटकर और गलत तरीके से पेश किया गया. कुछ लोगों ने मेरी बात का संदर्भ बदलकर उसे सनसनीखेज बनाने की कोशिश की. मैं ऐसे किसी भी कंटेंट का समर्थन नहीं करती. मैं सभी लोगों से हाथ जोड़कर अनुरोध करती हूं कि ऐसे लोगों को बढ़ावा न दें, जो सिर्फ वायरल होने या सनसनी फैलाने के लिए किसी की बात को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं.

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क्या था पूरा मामला?

दरअसल, कुछ दिन पहले अनुराधा पौडवाल ने न्यूजबुक से बातचीत के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और भारत के 'विश्वगुरु' बनने के दावे पर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि उन्हें रिपोर्ट्स देखकर दुख हुआ कि देश में 94 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हो चुके हैं, यानी औसतन हर दिन 24 स्कूल बंद हो रहे हैं. उनका कहना था कि अगर बच्चों की शिक्षा कमजोर होगी, तो भारत का भविष्य भी प्रभावित होगा.

राम मंदिर का भी किया था जिक्र

इसी बातचीत में अनुराधा पौडवाल ने अयोध्या के श्री राम लला मंदिर में चढ़ावे की चोरी की खबरों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा था कि अगर इतनी आस्था वाले स्थानों पर भी ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आती हैं, तो यह चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि अगर भारत सच में 'विश्वगुरु' बनना चाहता है, तो उसे सबसे पहले उन मूल्यों और सिद्धांतों को मजबूत करना होगा, जिन पर यह सपना टिका है. 

यही बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी.

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