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राजस्थान रिफाइनरी हादसे के पीछे टेरर एंगल? अब छठे देश के ऑयल इंफ्रा तक पहुंची रहस्यमयी आग

दुनिया के अलग-अलग देशों की तेल रिफाइनरियों में आग और विस्फोट की घटनाओं ने एक ग्लोबल पैटर्न की ओर ध्यान खींचा है. भारत से लेकर इराक, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक फैली ऐसी घटनाओं की श्रृंखला किसी बड़े साजिश की ओर तो इशारा नहीं कर रहीं?

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एनआईए ने राजस्थान के एचपीसीएल रिफाइनरी में लगी आग की घटना की जांच शुरू कर दी है. (Photo: PTI)
एनआईए ने राजस्थान के एचपीसीएल रिफाइनरी में लगी आग की घटना की जांच शुरू कर दी है. (Photo: PTI)

मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पिछले 50 दिनों में भारत समेत 6 देशों की ऑयल रिफाइनरियों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. भारत में 20 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले, भीषण आग लगने की घटना हुई थी. इस रिफाइनरी का पीएम मोदी उद्घाटन करने वाले थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम बुधवार को पचपदरा रिफाइनरी पहुंची. 

ताजा घटना इराक से सामने आई है, जहां बुधवार को कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में स्थित एक रिफाइनरी में विस्फोट की खबर मिली. विस्फोट के कारणों या रिफाइनरी को हुए नुकसान के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है. हालांकि, यह घटना विभिन्न देशों की रिफाइनरियों में आग लगने और विस्फोट की रहस्यमयी घटनाओं में एक और कड़ी के रूप में जुड़ गई है. आजतक ने 21 अप्रैल को दुनिया भर के  ऑयल एसेट्स में लग रही आग की घटनाओं में एक पैटर्न को उजागर किया, जिसने लोगों को इस पर ध्यान देने और सोचने पर मजबूर किया है.

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के साथ 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए युद्ध के बाद से, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको, इक्वाडोर, इराक और भारत में रिफाइनरियों समेत कई अन्य देशों के ऑयल एसेट्स में विस्फोट और आग की घटनाएं सामने आई हैं. इसके अलावा, 20 अप्रैल को बुखारेस्ट, जो रोमानिया की राजधानी है, वहां एक थर्मल पावर प्लांट में भी आग लगने की घटना हुई. ये सभी देश युद्ध क्षेत्र से बाहर हैं, और यहां तक कि इराक की ऑयल फैसिलिटी को ईरान ने भी निशाना नहीं बनाया, जबकि उसने अन्य खाड़ी देशों पर हमले किए हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एचपीसीएल की पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने जाने वाले थे, ठीक उसके एक दिन पहले उसमें भीषण आग लगी. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने बताया कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि हीट एक्सचेंजर सर्किट में एक वाल्व/फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन लीक होने के कारण आग लगी. वहीं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि रिफाइनरी का इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इसे दोबारा कब चालू किया जाएगा. एक्सपर्ट्स की माने तो पचपदरा रिफाइनरी के जिस क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में आग लगी, वह इस तरह के प्लांट का हार्ट होता है. इसकी मरम्मत में 6 महीने तक लग सकते हैं.

आजतक के संवाददाता जितेंद्र बहादुर सिंह ने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम जयपुर से पचपदरा रिफाइनरी पहुंची और वहां प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. एनआईए की इस टीम में इंटेलिजेंस अफसर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और साइबर एक्सपर्ट शामिल हैं, जो क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) की जांच कर रहे हैं, जहां से आग लगने की शुरुआत होने की आशंका जताई जा रही है. एनआईए के साथ-साथ राजस्थान एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की टीम ने भी रिफाइनरी का निरीक्षण किया. एटीएस अधिकारियों ने रिफाइनरी मैनेजमेंट के साथ बैठक की और आग लगने की घटना को लेकर विस्तृत चर्चा भी की.

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी उन मामलों की जांच करती है, जहां आतंकवाद या बाहरी ताकतों द्वारा साजिश रचने की आशंका होती है. राजस्थान की रिफाइनरी में आग लगने से पहले, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन के मुंबई कोस्ट के पास स्थित ऑयल फील्ड में भी 4 अप्रैल को आग लगने की घटना सामने आई थी. मुंबई हाई स्थित ONGC के SHP प्लेटफॉर्म पर आग लगने से 10 कर्मियों को मामूली चोटें आईं. हालांकि, इमरजेंसी रिस्पांस टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया. ओएनजीसी ने आग लगने के कारणों का अब तक खुलासा नहीं किया है.

यह भी पढ़ें: साजिश या हादसा? अमेरिका-ईरान जंग के बीच भारत समेत 5 देशों की रिफाइनरी में कैसे लगी आग

रिफाइनरियों में आग लगने की घटनाओं की यह श्रृंखला 1 मार्च को दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर से शुरू हुई, जहां पेट्रोइक्वाडोर की एस्मेराल्डास ऑयल रिफाइनरी में एक यूनिट के चार्ज पंप्स में आग लगने के बाद संचालन रोकना पड़ा. इस रिफाइनरी की प्रोसेसिंग क्षमता करीब 1,10,000 बैरल प्रतिदिन है और यह इक्वाडोर की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी है. इसके बाद 17 मार्च को मेक्सिको में एक रिफाइनरी में आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई. यह आग ओल्मेका ऑयल रिफाइनरी में उस समय भड़की, जब पानी के साथ तेल इसके परिसर में फैल गया. यह रिफाइनरी मेक्सिको के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है और इसका संचालन 2024 में शुरू हुआ था.

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23 मार्च को वैलेरो एनर्जी की पोर्ट आर्थर रिफाइनरी, टेक्सास में एक डीजल हाइड्रोट्रीटर में आग लगने के बाद विस्फोट हुआ. शुरुआती तौर पर इसमें ईरान की भूमिका को लेकर अटकलें लगाई गईं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई. बाद में अधिकारियों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए. 10 अप्रैल को मैराथन पेट्रोलियम की एल पासो रिफाइनरी, टेक्सास में एक और बड़ी आग की घटना सामने आई, जिसे कथित तौर पर तकनीकी खामियों के कारण बताया गया. कंपनी ने कहा कि आग पर तेजी से काबू पा लिया गया.

इसके बाद 16 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया के जिओलॉन्ग में वाइवा एनर्जी की कोरियो रिफाइनरी में भी आग लगने की घटना दर्ज की गई. यह देश की दो सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है. इमरजेंसी सर्विस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईंधन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. यह रिफाइनरी विक्टोरिया प्रांत की लगभग 50% ईंधन आपूर्ति और ऑस्ट्रेलिया की कुल आपूर्ति का करीब 10% तेल उत्पादन करती है. फिलहाल यह पूरी तरह से चालू नहीं हो पाई है और अधिकारियों ने पेट्रोल प्रोडक्शन प्रभावित होने की चेतावनी दी है.

अरविंद नाम के एक वेरिफाइल यूजर ने 16 अप्रैल को X पोस्ट पर किया था, 'भारतीय तेल रिफाइनरियों को सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए, खासकर अंदरूनी साजिश को लेकर.' यह राजस्थान रिफाइनरी में आग लगने से चार दिन पहले का पोस्ट है. अरविंद ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्हें एक बुरा अंदेशा था कि विरोधी देश में किसी तेल रिफाइनरी को निशाना बना सकते हैं. उन्होंने लिखा, 'भूराजनीतिक कारणों से तेल की कीमतें बढ़ाने और भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए विरोधी रिफाइनरी में आग लगा सकते हैं.' इसके ठीक चार दिन बाद, 20 अप्रैल को एचपीसीए की रिफाइनरी में आग लगने की घटना सामने आई.

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दुनिया के अलग-अलग देशों की रिफाइनरियों में आग की इन घटनाओं के बाद, एक नॉ​र्थ अमेरिकी X अकाउंट ने दावा किया कि यह 'सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि तेल आपूर्ति को बाधित करने का एक पैटर्न है.' इराक के एरबिल में बुधवार को एक रिफाइनरी में लगी आग ऐसी घटनाओं की इस श्रृंखला की ताजा कड़ी है. कई लोगों का कहना है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर में आग लगने की इतनी अधिक और लगातार घटनाएं महज संयोग नहीं हो सकतीं. सच्चाई का पता केवल गहन जांच से ही चल पाएगा- जैसी जांच भारत राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग की घटना के बाद कर रहा है.

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