चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी है. आयोग ने महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड के लिए नया आदेश जारी किया है. यह तीसरा मौका है, जब SIR की समय सीमा बढ़ाई गई है. खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले ही समय सीमा को लेकर सख्त रुख अपनाया था.
नए शेड्यूल के अनुसार, दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर 2026 को प्रकाशित होगी, जबकि महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में अंतिम वोटर लिस्ट 30 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी.
हरियाणा और आंध्र प्रदेश में 20 नवंबर तक निपटानी होंगी आपत्तियां
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा 20 नवंबर तक करना होगा. वहीं, महाराष्ट्र में इसके लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है. इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद संबंधित राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
अधिकारियों को नए शेड्यूल के प्रचार-प्रसार के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने या मौजूदा जानकारी में सुधार करवाने से वंचित न रह जाए. मतदाता सूची से संबंधित अधिक जानकारी और सहायता के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल (Voters Service Portal) का उपयोग कर सकते हैं.
उधर, SIR पर जारी विवाद के बीच कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कर्नाटक में इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में SIR सही तरीके से किया गया. जारकीहोली ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कर्नाटक में SIR को लेकर नहीं था, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे.
करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जारकीहोली ने कहा कि ये ऐसे लोग थे, जिनकी मौत हो चुकी थी, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे या जिनके नाम वोटर लिस्ट में एक से ज्यादा बार दर्ज थे. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी.