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'कॉकरोच जनता पार्टी' को राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने X अकाउंट बहाल करने का दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक्स हैंडल को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है. केंद्र सरकार ने बताया कि नीट री-टेस्ट से पहले छात्रों और अभिभावकों में भ्रम रोकने के लिए अकाउंट को ब्लॉक किया गया था. अब परीक्षा पूरी हो चुकी है, इसलिए अब रोक हटा दी गई है.

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21 मई को CJP का एक्स अकाउंट ब्लॉक किया गया था.. (Photo: PTI)
21 मई को CJP का एक्स अकाउंट ब्लॉक किया गया था.. (Photo: PTI)

दिल्ली हाई कोर्ट ने'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का एक्स हैंडल तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है. केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि नीट री-टेस्ट से पहले मची खलबली को रोकने के लिए इस अकाउंट पर रोक लगाई गई थी. 

सरकार ने कहा कि परीक्षा अब पूरी हो चुकी है, इसलिए अकाउंट से रोक हटाने में अब कोई आपत्ति नहीं है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर सुनवाई कर रही थीं. 

दिपके ने 21 मई को अपने एक्स हैंडल को ब्लॉक किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को गलत बताते हुए चुनौती दी थी. कोर्ट के आदेश के कुछ ही देर बाद पार्टी का मूल हैंडल (CJP_for_India) दोबारा शुरू हो गया है.

छात्रों और अभिभावकों में भ्रम रोकने के लिए लगाया था ब्लॉक

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि 21 जून को होने वाली नीट री-टेस्ट परीक्षा से पहले छात्रों और अभिभावकों के बीच किसी भी तरह की अराजकता या भ्रम को टालने के लिए इस सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक किया गया था. 

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उन्होंने कहा, 'पार्टी की कई पोस्ट से छात्रों और उनके पेरेंट्स के बीच अव्यवस्था फैल सकती थी. हालांकि, अब परीक्षा खत्म हो चुकी है.'

SG मेहता ने कोर्ट से कहा कि इस मोड़ पर ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस लेने में कोई दिक्कत नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं सभी से सिर्फ यही अपील करूंगा कि छात्रों के हितों को देखते हुए थोड़ा ज्यादा सतर्क और सावधान रहें.' इस पर जस्टिस शर्मा ने कहा कि क्योंकि नीट परीक्षा पहले ही खत्म हो चुकी है, इसलिए फिक्र की कोई बात नहीं रह गई है. इन हालातों को देखते हुए ब्लॉक करने का आदेश रद्द किया जाता है और याचिका को मंजूर किया जाता है.

व्यंग्य और अभिव्यक्ति की आजादी का तर्क

याचिकाकर्ता अभिजीत दिपके की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अखिल सिबल ने दलील दी थी कि कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट एक व्यंग्य था, जिसे संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत संरक्षण हासिल है. उन्होंने कहा कि अगर कोई पोस्ट आपत्तिजनक थी, तो अधिकारी पूरी प्रोफाइल को ब्लॉक करने के बजाय सिर्फ उस पोस्ट को हटा सकते थे.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी, सोनम वांगचुक का वजन 6 किलो कम हुआ

याचिका में आरोप लगाया गया कि ये कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और आईटी अधिनियम की धारा 69A के सुरक्षा उपायों का पूरी तरह उल्लंघन थी, क्योंकि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस या कारण बताए ये कदम उठाया था. इससे पहले 29 मई को हाई कोर्ट ने हैंडल को तुरंत बहाल करने से इनकार कर दिया था, लेकिन आईटी नियमों के तहत एक समीक्षा समिति को 7 जुलाई से पहले इस मुद्दे पर फैसला लेने को कहा था.

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