scorecardresearch
 

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी, सोनम वांगचुक का वजन 6 किलो कम हुआ

जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ CJP का प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी रहा. सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन आठवें दिन में पहुंच गया और उनका वजन 6 किलो घट गया है. उन्होंने दावा किया कि रविवार को 7 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हुए. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके महाराष्ट्र में छात्रों के आंदोलन में शामिल होंगे. इस प्रदर्शन को संयुक्त किसान मोर्चा, AISA और अन्य संगठनों का समर्थन मिल रहा है, जबकि JNUSU नेता दानिश अली अस्पताल में भर्ती हैं.

Advertisement
X
CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है. Photo PTI
CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है. Photo PTI

देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन रविवार को 17वें दिन भी जारी रहा. इस दौरान सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन आठवें दिन में प्रवेश कर गया. उन्होंने दावा किया कि रविवार को जंतर-मंतर पर सुबह से शाम तक करीब 7 हजार लोग आंदोलन में शामिल हुए.

डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन
वांगचुक की सेहत को लेकर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किया. इसके अनुसार, अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 6 किलोग्राम कम हो गया है. वर्तमान में उनका वजन 60.95 किलोग्राम है. उनका ब्लड प्रेशर 112/70 mm Hg, हृदय गति 72 बीट प्रति मिनट और ब्लड शुगर 67 mg/dL दर्ज की गई. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हाइड्रेशन स्थिति फिलहाल ठीक है और वह मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं.

वांगचुक ने  X पर लिखा, 'मैं अभी जीवित हूं, हालांकि पहले जैसा सक्रिय नहीं हूं.' उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें जितना अधिक ट्रोल किया जा रहा है, वह उनके आंदोलन के प्रभाव का संकेत है.

महाराष्ट्र में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे अभिजीत दिपके
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि वह सोमवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने और न्याय की उनकी मांग का समर्थन करने के लिए वहां जाएंगे.

Advertisement

NEET अभ्यर्थी रिया थापा के माता-पिता पहुंचे धरनास्थल
रविवार को प्रदर्शन स्थल पर NEET अभ्यर्थी रिया कुमारी थापा के माता-पिता भी पहुंचे. CJP का दावा है कि कथित पेपर लीक से निराश होकर रिया की मौत हुई थी. संगठन के अनुसार, रिया के पिता सेना के पूर्व जवान हैं, उन्होंने आंदोलन में शामिल होकर अपील की कि किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े.

किसानों और छात्र संगठनों का समर्थन
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने पहले ही इस आंदोलन को समर्थन दिया है. अब किसान संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल 7 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेगा. संगठन ने कहा कि प्रत्येक छात्र को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए और इसकी जवाबदेही सरकार की है. वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े कई छात्र भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं.

JNUSU नेता अस्पताल में भर्ती
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (JNUSU) के संयुक्त सचिव दानिश अली की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया गया कि सातवें दिन उनके अनशन के दौरान ब्लड शुगर 46 mg/dL तक पहुंच गई थी. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं. दूसरी ओर, नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक कुमार वर्मा और आमीन सहित अन्य छात्र धरनास्थल पर अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं.

Advertisement

गौरतलब है कि CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है. संगठन का आरोप है कि देश की परीक्षा प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं हैं और इन्हें दूर करने के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए. इस आंदोलन को अब तक कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का समर्थन मिल चुका है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement