कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं की बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'घबराए हुए' हैं और विपक्ष के प्रदर्शन असर दिखा रहे हैं. उन्होंने नेताओं से रफ्तार न खोने की अपील की. राहुल ने माना कि हर राज्य में साझा प्रदर्शन मुमकिन नहीं हैं, पर राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट रहना जरूरी है. उन्होंने ईवीएम से कथित छेड़छाड़ पर दक्षिण कोलकाता का उदाहरण दिया और पीएम के खिलाफ "गंभीर जानकारी" होने का दावा किया.
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं से कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन अब असर दिखा रहे हैं. उनके मुताबिक इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं. गांधी ने नेताओं से अपील की कि वे इस रफ्तार को कमजोर न पड़ने दें और लगातार दबाव बनाए रखें.
राहुल गांधी ने यह बात भी मानी कि हर राज्य में सभी विपक्षी दल मिलकर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे. लेकिन उनका कहना था कि इसकी वजह से विपक्षी पार्टियों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट खड़े होने से नहीं रुकना चाहिए. यानी राज्यों में हालात अलग हो सकते हैं, फिर भी देश के स्तर पर सबको साथ दिखना चाहिए.
ईवीएम यानी वोटिंग मशीनों से कथित छेड़छाड़ के मुद्दे पर गांधी ने दक्षिण कोलकाता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां मशीनों को जलाए जाने की घटना उनके लिए "सबसे अच्छा उदाहरण" है. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा दक्षिण कोलकाता में ही क्यों हुआ. यह ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप है, जिसे राहुल गांधी ने बैठक में अपनी बात के समर्थन में रखा.
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राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई अब और बड़ी हो रही है और सभी को यह रास्ता मिलकर तय करना होगा.
सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोपों की बात करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास प्रधानमंत्री के खिलाफ 'गंभीर सामग्री' है. उनके अनुसार सीबीआई, ईडी और चुनाव आयोग के अधिकारी उन्हें जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे भी जानकारी जुटाएं और साझा करें, ताकि सब मिलकर सरकार को घेर सकें.
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले छह से आठ महीनों में ऐसी घटनाएं हो सकती हैं जो मोदी और शाह के लिए फायदेमंद नहीं होंगी.
अंत में गांधी ने कहा कि 14 से 15 साल बाद लोग इस समूह को उन लोगों के रूप में याद करेंगे जो संविधान को बचाने के लिए खड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि वे इस बैठक का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करते हैं.