
कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच बहुप्रतीक्षित बात 10 मिनट तक चली. दोनों पक्षों के बीच तीन में से दो मुद्दों पर सहमति बनती नजर आ रही है. लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अभी भी रार बनी हुई है. कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अडिग है. जबकि जिन छात्रों ने पेपर लीक की वजह से खुदकुशी की है उसके परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने पर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. इसके अलावा सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने पर भी पॉजिटिव रूख अपनाया है.
शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सौरभ दास और दूसरे सदस्य आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की. दोनों के बीच 10 मिनट तक चर्चा हुई.
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा कि हमने सरकार को बता दिया है कि धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से उनकी बर्खास्तगी से कम कुछ भी नहीं चलेगा. आशुतोष रांका ने कहा कि देश भर में अलग अलग आंदोलन चल रहे हैं, देश के युवाओं में जो गुस्सा है जो सेंटिमेंट है वो बहुत स्पष्ट है कि धर्मेद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा. सरकार से इस बारे में विस्तार से चर्चा हुई है. सरकार ने इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए कल दोपहर तक समय मांगा है. अगर सरकार इस्तीफा पर फैसला नहीं लेती है तो ये प्रदर्शन और व्यापक होगा और कॉकरोच जनता पार्टी को एक और नेशनल कॉल लेना होगा.
आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने मुआवजा देने और कानूनी मामलों पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है. पॉजिटिव है. उन्होंने कहा कि कल दिन में सरकार से फिर मुलाकात होगी और कल धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफा लिया जाएगा. हमलोगों ने सरकार को बता दिया है कि ये आंदोलन बहुत बड़ा हो रहा है.
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बैठक थोड़ी देर तक चली. कॉकरोच जनता पार्टी की 3 मुख्य मांगें थीं और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे. हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर फिर मिलेंगे और सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में उन्हें बताएंगे.
CJP ने यह भी कहा है कि भारत सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स के प्रमुख और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह से पीटने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य मांगें
CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET-2026 पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा या बर्खास्तगी
आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवजा: पेपर लीक के बाद जिन 20 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए.
कानूनी कार्रवाई न करने का भरोसा: CJP ने यह भी मांग रखी है कि पुलिस की ओर से जिन प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किया गया है उसे वापस लिया जाए.
CJP का कहना है कि ये मांगें सिर्फ न्याय की हैं. आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती. सोनम वांग्चुक ने भी अनशन तोड़ने के लिए इन मांगों पर आश्वासन मांगा था. उन्होंने भी कहा था कि छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो. सरकार से भरोसा मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने देर रात अनशन समाप्त किया.