राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी मामले में उत्तर भारत के तीन राज्यों में छह अलग-अलग ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी की है. जांच टीम ने अपनी छापेमारी में स्मार्टफोन, लैपटॉप, विभिन्न डिजिटल डिवाइस और कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स व अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी के एक बड़े मामले में तीन राज्यों के छह ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने बिहार के गोपालगंज, सिवान, सारण और पूर्वी चंपारण जिले में एक-एक स्थान, साथ ही उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी तलाशी ली.
एजेंसी ने छापेमारी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को कंबोडिया से जुड़े एक बड़े मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी सिंडिकेट नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते बिहार, यूपी और दिल्ली के छह ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जिसमें बिहार के चार जिलों- गोपालगंज, सिवान, सारण और पूर्वी चंपारण के एक-एक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में एक-एक ठिकाने शामिल हैं.
नौकरी का झांसा देकर युवाओं को भेजते थे कंबोडिया
एजेंसी ने बताया कि एनआईए की अब तक की जांच में ये खौफनाक खुलासा हुआ है कि ये संगठित सिंडिकेट भारतीय युवाओं को विदेश में अच्छी और वैध नौकरी का झूठा झांसा देकर कंबोडिया बुलाता था. वहां पहुंचते ही इन युवाओं के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें जबरन फर्जी स्कैम कंपनियों के हवाले कर दिया जाता था. पीड़ितों ने अपने बयानों में बताया कि काम करने से मना करने पर उन्हें बिजली के झटके देना, बंधक बनाना, मारपीट करना और खाना-पानी न देने जैसी बेहद अमानवीय और दर्दनाक यातनाएं दी जाती थीं.
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट का मुख्य मास्टरमाइंड फरार आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह है. आनंद कुमार भारत में विभिन्न सब-एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से सीधे तौर पर मजबूर युवाओं को इस दलदल में भर्ती करता था. एनआईए ने इस मुख्य वांछित आरोपी और उसके चार अन्य सहयोगियों प्रह्लाद कुमार सिंह, अभय नाथ दुबे, अभिरांजन कुमार और रोहित यादव के खिलाफ मई 2026 में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी है.
कंबोडिया से लौटते ही तीन गुर्गे गिरफ्तार
इससे पहले फरवरी 2026 में मास्टरमाइंड आनंद के तीन मुख्य मददगारों अभय, अभिरांजन और रोहित को कंबोडिया से दिल्ली पहुंचते ही हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया था.इस मामले (RC-10/2024/NIA/DLI) की जांच को आगे बढ़ाते हुए एनआईए की टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार चल रहे अपराधियों को पूरी तरह से ट्रैक करने के लिए लगातार अपनी छापेमारी और सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए है.