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'ममता कैबिनेट में डिप्टी सीएम बनने का ऑफर ठुकराया...', सुवेंदु अधिकारी का दावा

एगरा में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर, 2020 को उन्हें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी में रहते हुए डिप्टी सीएम बनने का ऑफिर दिया गया था. वहीं तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस दावे को गलत करार दिया.

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बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया है कि उन्हें ममता कैबिनेट में डिप्टी सीएम बनने का ऑफिर मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था. बुधवार को एगरा में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही. उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर, 2020 को उन्हें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी में रहते हुए डिप्टी सीएम बनने का ऑफिर दिया गया था.

उन्होंने दावा किया, "मुझसे कुछ नहीं लिया गया. काम नहीं किया, मैं पांच विभागों का मंत्री था. मैंने उसे ठुकरा दिया. आखिरी ऑफर 1 दिसंबर 2020 को डिप्टी सीएम पद के लिए था. मैंने उसे भी ठुकरा दिया. क्योंकि पश्चिम बंगाल को बचाना था. राज्य का दर्जा बचाना था."

वहीं तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस दावे को गलत करार दिया. उन्होंने कहा कि सुवेंदु को किसी ने भी डिप्टी सीएम पद की पेशकश नहीं की. घोष ने ट्विटर पर कहा कि सुवेंदु के परिवार के पास टीएमसी सरकार में कई पद थे और उन्होंने नारदा में उनके खिलाफ सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बाद खुद को बचाने के लिए टीएमसी से एक संवैधानिक पद मांगा था.

कुणाल घोष ने कहा, "किसी ने भी सुवेंदु को डिप्टी सीएम बनने का कोई ऑफर नहीं दिया. जब उनके खिलाफ नारदे में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की तो उन्होंने संवैधानिक पद की आड़ लेने के लिए खुद पद मांगा. लेकिन उनके चार लोगों ने इतने सारे पद ले लिए तो पार्टी ने इससे इनकार कर दिया. फिर वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बीजेपी में चले गए."

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