उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच की आंच अब जमीन घोटाले तक पहुंच गई है. पुलिस टीम फिलहाल चोरी के आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन में व्यस्त है. इसके चलते अभी तक जमीन प्रकरण में सीधे तौर पर हाथ नहीं डाला गया है, फिर भी पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से नजूल जमीन का सौदा करने या कराने वाले बिचौलियों को सूचीबद्ध कर लिया है.
इन सभी को पुलिस ने जांच में सहयोग करने की कड़ी हिदायत दी है. यदि कोई असहयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख देखते हुए बिचौलिए और उनके परिजन काफी सहमे हुए हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का कार्यकाल बढ़ा दिया है. इसके बाद एसआईटी यहां पहुंच गई है. माना जा रहा है कि एसआईटी ही जमीन मामले की तह तक जाएगी.
मुख्यमंत्री योगी द्वारा किसी भी तरह की अनियमितता का प्रमाण होने पर एसआईटी को शिकायत पत्र देने के ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रॉपर्टी संबंधी शिकायत सप्रमाण एसआईटी अधिकारियों को सौंपी है. दूसरे चरण में इसकी विस्तृत जांच होने वाली है.
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साल 2020-21 में उठे जमीन विवाद में प्रदेश सरकार ने राधेश्याम मिश्रा समिति का गठन किया था, मगर उस समिति की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई. ऐसे में इस बार दोबारा जांच में लीपापोती की संभावना कम मानी जा रही है.
राम मंदिर में दूसरे चरण की जांच पूरी करने के लिए गुरुवार को अयोध्या पहुंची एसआईटी ने, सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने रजिस्टर्ड दस्तावेजों के गवाहों को बुलाया था. जो भी गवाह आए, उनके बयान दर्ज किए गए.
इसके साथ आवश्यक पूछताछ भी की गई. यह जांच शुक्रवार को भी जारी रहेगी. आठ घंटे मंदिर में व्यतीत करने के बाद टीम सरयू तट स्थित अतिथि गृह चली गई. विश्राम के बाद पुनः पूर्वाह्न 11 बजे अधिकारी कार्रवाई आगे बढ़ाएंगे.
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ट्रस्ट से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ कर सकती है. पुलिस सभी आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है.
अयोध्या ही नहीं, लखनऊ, नोएडा और अन्य राज्यों में भी इनकी संपत्तियां होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस यह पता कर रही है कि किसके पास कितनी संपत्ति है. पुलिस संपत्तियों की रजिस्ट्री की प्रतियां भी निकलवा रही है.
इसके बाद यदि कहीं बड़ी संपत्ति पाई जाती है तो केवल चंपत राय और अनिल मिश्रा ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट से जुड़े अन्य बड़े नामों से भी पूछताछ हो सकती है. ट्रस्ट और दान का पैसा कहां-कहां पहुंचा है, इस पहलू की भी पुलिस जांच कर रही है.