अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में प्रस्तावित बड़े पावर प्रोजेक्ट को लेकर तनाव बढ़ गया है. शुक्रवार को 12 घंटे के बंद के दौरान डिटे-डाइम इलाके में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई.
पुलिस के मुताबिक, करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. इसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इस दौरान चार महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सियांग के एसपी कामदम सिखोम के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे गेगु और कोमकर इलाकों से 150-200 लोग डिटे-डाइम पहुंचे थे. पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के पास धारदार हथियार, लाठियां और गुलेल थीं. उन्होंने बैरिकेड पर हमला किया और सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके.
एसपी के मुताबिक, कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई. हालात संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.
11,200 MW प्रोजेक्ट का क्यों हो रहा विरोध?
सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट की प्रस्तावित क्षमता 11,200 मेगावाट है. इसका विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि सरकार को इससे जुड़ी सभी शुरुआती गतिविधियां रोकनी चाहिए. उन्होंने गिरफ्तार किए गए 10 कार्यकर्ताओं की रिहाई, निलंबित गांव बुजुर्गों की बहाली और इलाके से अर्धसैनिक व केंद्रीय बलों को हटाने की मांग की है.
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क्या है सरकार की दलील?
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट का मकसद सियांग नदी बेसिन में पानी को जमा करना और उसका बेहतर प्रबंधन करना है. सरकार ने इस परियोजना को चीन की ओर से सियांग नदी के ऊपरी हिस्से में प्रस्तावित बड़े बांध के संदर्भ में भी अहम बताया है.
वहीं, प्रशासन के मुताबिक सियांग जिले के दूसरे हिस्सों में बंद शांतिपूर्ण रहा. अपर सियांग के डिप्टी कमिश्नर अशोक ताजो ने भी कहा कि वहां बंद शांतिपूर्ण तरीके से जारी है. फिलहाल चार महिलाओं के घायल होने के बाद प्रोजेक्ट को लेकर चल रहा विरोध और पुलिस कार्रवाई दोनों चर्चा में हैं.