scorecardresearch
 

'नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद नक्सलवादी बन गए', राहुल गांधी पर अमित शाह का वार

अमित शाह ने कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर नक्सलियों का समर्थन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि ये बात निकली है, तो जनता की अदालत तक जाएगी और जवाब देना पड़ेगा.

Advertisement
X
अमित शाह बोले- कांग्रेस ने किया नक्सलवाद, नरसंहार का समर्थन (Photo: Screengrab)
अमित शाह बोले- कांग्रेस ने किया नक्सलवाद, नरसंहार का समर्थन (Photo: Screengrab)

लोकसभा में सोमवार को नियम 193 के तहत नक्सलवाद पर चर्चा हुई. इस चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि इनके नेता राहुल गांधी की बात करना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई बार नक्सलों और उनके हमदर्दों के साथ देखे गए.

अमित शाह ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सल फ्रंटल संगठन हिस्सा लिए, इसका रिकॉर्ड है मेरे पास. राहुल गांधी ने 2010 में ओडिशा में लाडो सिकोका के साथ मंच साझा किया. उन्होंने कहा कि सिकोका ने उसी मंच से भड़काऊ भाषण दिया और राहुल गांधी को माला भी पहनाई. अमित शाह ने कहा कि 2018 में हैदराबाद में राहुल गांधी ने गुम्मांडी विट्टल राव उर्फ गद्दार से मुलाकात की, विचारधारा के करीब है. मई 2025, कोर्डिनेशन कमेटी ऑफ पीस, राहुल गांधी ने इसके साथ भी मुलाकात की.

उन्होंने कहा कि 172 जवानों को मारने वाला हिडमा जब मारा गया, इंडिया गेट पर नारे लगे- कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेंगे. राहुल गांधी ने इस वीडियो को ट्वीट किया है. अमित शाह ने कहा कि ये कैसे बच सकते हैं. इन्होंने 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समर्थन किया है. नरसंहार का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि 20 हजार लोग मारे गए. इसका सबसे बड़ा दोषी अगर कोई है, तो वह वामपंथी विचारधारा वाली कांग्रेस पार्टी है. नक्सलियों के साथ रहते-रहते यह पार्टी और उनके नेता खुद नक्सलवादी बन गए हैं.

Advertisement

अमित शाह ने कहा कि इसका जवाब इस देश की जनता को चुनाव में देना पड़ेगा. ये बात यहां से रुकेगी नहीं, जनता की अदालत में जाएगी. इससे पहले, उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण से लेकर एटीएम, बैंक शाखाएं, डाकघर और मोबाइल टावर लगाए जाने तक, 2014 के बाद सरकार की ओर से चलाई गई योजनाएं भी गिनाईं.  अमित शाह ने कहा कि हमने माओवादियों से चर्चा नहीं की. उनको समाप्त किया और विकास कार्य आगे बढ़ाए.

यह भी पढ़ें: 'आप दीजिए ना समय...', धर्मेंद्र यादव की स्पीच के दौरान खड़े होकर क्यों बोले अमित शाह

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कांग्रेस नक्सल बेल्ट में विकास कराना नहीं चाहती थी. ये विकास कराने जाते थे, नक्सली धमाके करके मार देते थे. अमित शाह ने कहा कि हमने धमाके करके मारने वालों को ही समाप्त कर विकास कराया है. उन्होंने यह भी कहा कि नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर में समानांतर सरकार चलाते थे और विकास की योजनाओं को रोकने का काम किया.

यह भी पढ़ें: 'भूपेश बघेल को पूछो, प्रूफ दूं क्या...', नक्सलवाद पर लोकसभा में क्यों बोले अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि बस्तर में इनका गृह मंत्री होता था. किस प्रकार की व्यवस्था खड़ी करना चाहते थे ये. जो बातचीत की बात कर रहे हैं, उनको बताना चाहता हूं, बस्तर की हर तहसील में जाकर कह चुका हूं कि हथियार डाल दीजिए, सरकार आपका पुनर्वास करेगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की पॉलिसी है, जो हथियार डाल देता है, उसी से चर्चा होती है. अमित शाह ने कहा कि जहानाबाद में एक हजार नक्सलियों ने सीआरपीएफ कैंप और जेल पर कब्जा करके कैदियों को मुक्त कराया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'वामपंथी विचारधारा की उपज है नक्सलवाद', बोले अमित शाह, कांग्रेस को भी घेरा

उन्होंने कहा कि झारखंड में 70 ट्रकों में एक साथ आग लगा दी. वार्षिक वसूली इनकी 240 करोड़ रुपये थी. इसको कैसे जस्टिफाइ कर सकते हैं. अमित शाह ने कहा कि 1947 से पहले इस देश के आदिवासी बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, रानी दुर्गावती, मुर्मू बंधुओं को अपना आदर्श मानते थे. वही आदिवासी 1970 आते-आते माओ को अपना हीरो मानने लगा. उन्होंने कहा कि ये परिवर्तन क्यों हुआ? ये परिवर्तन विकास की कमी या अन्याय के कारण नहीं हुआ. कठिन भूगोल और स्टेट की अनुपस्थिति के कारण अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए वामपंथियों ने इसी क्षेत्र को चुना, भोले-भाले आदिवासियों को बरगलाया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement