तुर्किए से भारत लाए गए अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह पर अब कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने उसे 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. दिल्ली पुलिस ने अदालत से उसकी रिमांड मांगते हुए कहा कि इस ड्रग सिंडिकेट का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है. इसकी कड़ियों का पता लगाने के लिए नवप्रीत से विस्तार से पूछताछ जरूरी है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जांच के लिए नवप्रीत सिंह को पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र ले जाया जाएगा. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित ड्रग नेटवर्क से इन राज्यों में कौन-कौन लोग जुड़े हैं और तस्करी का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था. इसके अलावा, इस मामले में पहले से गिरफ्तार रमनदीप, गुरप्रीत और गुरजोत से भी नवप्रीत का आमना-सामना कराया जाएगा. पुलिस इन आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर नेटवर्क की दूसरी कड़ियों का पता लगाना चाहती है.
फर्जी पहचान से तुर्किए में रह रहा था नवप्रीत
जांच एजेंसियों के मुताबिक, नवप्रीत सिंह कथित तौर पर 'Navab Virk' यानी 'नवाब विर्क' नाम की फर्जी पहचान के सहारे तुर्किये में रह रहा था. उस पर अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को चलाने का आरोप है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नवप्रीत को भारत लाए जाने की जानकारी दी थी. एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगाने के बाद तुर्किए से उसे डिपोर्ट कराया.
नवप्रीत सिंह का नाम दिल्ली में 2021 में सामने आए एक बड़े ड्रग सिंडिकेट मामले में भी आया था. अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों से करीब 355.5 किलो हेरोइन बरामद की गई थी. जांच एजेंसियों ने नवप्रीत को इस नेटवर्क का मुख्य हैंडलर बताया था. बाद में पंजाब पुलिस ने भी तुर्किए से संचालित ड्रग नेटवर्क के तार नवप्रीत सिंह उर्फ 'Nav' से जोड़े थे. अब पुलिस उसकी 10 दिन की कस्टडी के दौरान नेटवर्क से जुड़े लोगों, तस्करी के रास्तों और पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाएगी.