अगर आप अगले महीने कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. मिडिल ईस्ट में जो लड़ाई चल रही है, उसका सीधा असर अब हवाई सफर पर पड़ने वाला है. आसान भाषा में कहें तो 1 अप्रैल से फ्लाइट की टिकट महंगी हो सकती है. खुद उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसके संकेत दे दिए हैं.
दरअसल, जब भी कहीं युद्ध होता है, तो सबसे पहले कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं. ईरान और उसके आस-पास के देशों में मचे घमासान से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर संकट आ गया है. ऐसे में उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू का कहना है कि इस जंग की वजह से विमान के ईंधन (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतें बढ़ेंगी. ये कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय होती हैं, इसलिए उनका असली असर हमें 1 अप्रैल से दिखाई देगा.
आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा बोझ?
अब सवाल ये है कि तेल के महंगे होने से टिकट के दाम क्यों बढ़ते हैं? इसका गणित बहुत सीधा है. किसी भी एयरलाइन को चलाने में जो कुल खर्चा आता है, उसका लगभग 40% हिस्सा सिर्फ ईंधन का होता है. यानी अगर ईंधन के दाम बढ़ें, तो एयरलाइंस के पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता. कुछ भारतीय कंपनियों ने तो अभी से टिकटों पर एक्स्ट्रा चार्ज लगाना शुरू भी कर दिया है.
हालांकि, सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि इसका बोझ आम आदमी पर कम से कम पड़े. उड्डयन मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ मिलकर लगातार मीटिंग कर रहा है. सरकार एयरलाइंस कंपनियों से भी बात कर रही है. कोशिश यही है कि फ्लाइट्स सुरक्षित भी रहें और यात्रियों की जेब पर भी ज्यादा असर न पड़े. लेकिन सच यही है कि जब तक वहां शांति नहीं होगी, तब तक किराया बढ़ने का डर बना रहेगा. फिलहाल तो यही लग रहा है कि 1 अप्रैल से आसमान की सैर महंगी होने वाली है.