
मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में बारिश के दौरान उफनते नाले में कार बह जाने से जान गंवाने वाले भुवनेश्वर के एक परिवार के सात सदस्यों का सोमवार तड़के पुरी के स्वर्गद्वार में अंतिम संस्कार किया गया.
गढ़काना निवासी इन सातों मृतकों के शव रात करीब 1:30 बजे भुवनेश्वर पहुंचे. मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के चार वरिष्ठ अधिकारी एक पुलिस टीम के साथ शव लेकर भुवनेश्वर पहुंचे.
शवों के पहुंचने के बाद राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, पुलिस कमिश्नर एस देव दत्त सिंह और स्थानीय विधायक अनंत नारायण जेना, सुशांत कुमार राउत और बाबू सिंह ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी.
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि इसके बाद सभी शवों को पुरी के स्वर्गद्वार ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.
'बहुत दुखद घटना, सात कीमती जानें चली गईं'
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है, जिसमें सात कीमती जानें चली गईं. मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि वे परिवार को इस मुश्किल स्थिति का सामना करने की शक्ति दें."
उन्होंने कहा कि बनमाली बेहरा के परिवार को हुए नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर सकता. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रत्येक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.
पुलिस कमिश्नर एस देव दत्त सिंह ने कहा कि प्रशासन और समाज शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

मध्य प्रदेश के अधिकारी शवों के साथ पहुंचे
शवों के साथ भुवनेश्वर पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि परिवार को FIR की कॉपी, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए गए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी स्थानीय तहसीलदार को ईमेल की जाएगी, ताकि मृतकों के परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो.

नलखेड़ा के पास नाले में बह गई थी कार
परिवार के सात सदस्यों की मौत शनिवार सुबह मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में नलखेड़ा के पास हुई थी. वे मां बगलामुखी मंदिर से लौट रहे थे, तभी बारिश के कारण उफनते नाले में उनकी गाड़ी बह गई.
मृतकों की पहचान सिबा प्रसाद बेहरा (43), ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा (40), रीता रानी बेहरा (36), राधा रानी बेहरा (34), कृष्णा राजबीर (13), साई स्वर्ण प्रवाह बेहरा (6) और साई स्वास्तिक बेहरा (10) के रूप में हुई है.