एक तरफ राजा रघुवंशी था, दूसरी तरफ केतन अग्रवाल. एक की शादी हो चुकी थी, दूसरे की शादी होने वाली थी. एक को पत्नी पहाड़ों पर लेकर गई थी, दूसरे को मंगेतर किले की ट्रैकिंग पर. दोनों के साथ उनके सबसे भरोसेमंद रिश्ते थे. दोनों के साथ एक प्रेमी की एंट्री हुई. और दोनों कहानियों का अंत मौत पर जाकर खत्म हुआ.
लोग अभी इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी केस को भूल भी नहीं पाए थे कि महाराष्ट्र के पुणे का केस लोगों को फिर उसी डरावने सवाल के सामने खड़ा कर दिया कि क्या प्यार के नाम पर भरोसा करना अब सबसे बड़ा जोखिम बनता जा रहा है? पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा माना गया. बताया गया कि वह लोहागढ़ किले पर फोटो खिंचवाते समय 350 से 400 फीट गहरी खाई में गिर गए. मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस को बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है. लेकिन कुछ दिनों बाद जांच ने जो कहानी सामने रखी, उसने सभी को झकझोर दिया. पुलिस का दावा है कि जिस लड़की के साथ केतन सात फेरे लेने वाले थे, उसी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उन्हें खाई में धक्का दिया.
पहले राजा, अब केतन... एक जैसी कहानी
जब पुणे पुलिस ने सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया तो सोशल मीडिया पर लोगों ने तुरंत एक नाम याद करना शुरू कर दिया सोनम रघुवंशी. कारण सिर्फ इतना नहीं था कि दोनों मामलों में प्रेमी मौजूद था. बल्कि इसलिए कि दोनों कहानियों की परतें एक-दूसरे से मिलती नजर आ रही हैं. दोनों मामलों में रिश्ते की तस्वीर बाहर से बिल्कुल सामान्य दिख रही थी. दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर प्यार, हंसी, डांस और खुशियों वाले वीडियो मौजूद थे. दोनों मामलों में परिवार सपने देख रहा था. और दोनों मामलों में बाद में जांच एजेंसियों ने प्रेम संबंधों और हत्या की साजिश की कहानी सामने रखी. हालांकि राजा की हत्या के बाद सोनम ने खुद को लापता दिखाया था और बाद में यूपी के गाजीपुर में मिली थी, जबकि सिया ने ऐसा कुछ नहीं किया.
कैमरे के सामने मुस्कान, पीछे मौत का प्लान!
आज सोशल मीडिया पर सिया और केतन के कई वीडियो वायरल हैं. कहीं दोनों डांस कर रहे हैं. कहीं परिवार के साथ हंस रहे हैं. कहीं शादी की तैयारियों को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं. बिल्कुल वैसे ही जैसे साल भर पहले सोनम और राजा रघुवंशी के वीडियो वायरल हुए थे. उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता था कि आने वाले दिनों में उनकी जिंदगी इतनी दर्दनाक दिशा ले लेगी. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग एक ही बात लिख रहे हैं जो दिखता है, जरूरी नहीं कि वही सच हो.
जिस खाई में गिरा केतन, वहां पहले भी गई थी सिया
इस केस का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा है. उनके मुताबिक, 18 जून से चार दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया केतन को उसी जगह लेकर गई थी. वहां केतन अचानक नीचे गिरते-गिरते बचे थे. उस वक्त सिया ने कहा था कि उसे सांप दिखाई दिया था और उसने बचाने के लिए धक्का दिया. लेकिन बेटे की मौत के बाद पिता को वही घटना अब एक असफल कोशिश जैसी लग रही है. अगर जांच में यह दावा सही साबित होता है तो यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि कई दिनों से तैयार हो रही साजिश का हिस्सा माना जा सकता है.
सोशल मीडिया पर जताया दुख
केतन की मौत के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरे दिल को पता है, तुम यहीं हो... उस वक्त लोगों ने इसे एक दुखी मंगेतर की भावनाएं समझा. लेकिन गिरफ्तारी के बाद यही पोस्ट चर्चा का विषय बन गया. लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह शोक था या कहानी को हादसा साबित करने की कोशिश? हालांकि इसका जवाब अभी जांच एजेंसियों के पास भी नहीं है.
17 करोड़ का पैलेस बुक था, दो प्राइवेट जेट तैयार थे
परिवार के मुताबिक दोनों की शादी के लिए राजस्थान में करीब 17 करोड़ रुपये का पैलेस बुक किया गया था. मेहमानों के लिए दो चार्टर प्लेन तय किए गए थे. नवंबर में होने वाली शादी को लेकर दोनों परिवार तैयारियों में जुटे थे. किसी ने नहीं सोचा था कि शादी के कार्ड छपने से पहले शोक संदेश छपेगा.
एक सवाल जो दोनों मामलों के बाद फिर खड़ा हो गया
सोनम रघुवंशी केस के बाद भी लोगों ने यही सवाल पूछा था. अब सिया केस के बाद भी वही सवाल दोहराया जा रहा है. अगर किसी रिश्ते में साथ नहीं रहना है, अगर मन बदल गया है, अगर कोई और पसंद है, तो क्या हत्या ही रास्ता है? कानून विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे मामलों में सबसे डरावनी बात हत्या नहीं, बल्कि उसके पीछे की योजना होती है. क्योंकि योजना का मतलब है कि भरोसे का इस्तेमाल हथियार की तरह किया गया.