श्रीकाकुलम ग्रामीण पुलिस ने आंध्र प्रदेश के पूर्व स्पीकर तमिनेनी सीताराम समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर लगभग 3-4 करोड़ रुपये की कीमती जमीन को गैर-कानूनी तरीके से हड़पने की साजिश रचने का आरोप है. इस साजिश में जाली सरकारी डॉक्यूमेंट, नकली डेथ सर्टिफिकेट और विरासत से जुड़े फर्जी रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया था.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक (SP) के.वी. महेश्वर रेड्डी ने बताया कि रूरल पुलिस ने आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर तम्मीनेनी सीताराम समेत 8 लोगों को फर्जी डेथ सार्टिफिकेट और नकली वसीयत डॉक्यूमेंट तैयार कर तीन से चार करोड़ रुपये की 900 वर्ग गज जमीन हड़पने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस मामले में 13 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है, जबकि पुलिस की विशेष टीमें बाकी 5 संदिग्धों की तलाश कर रही हैं.
प्लाट खाली होने का उठाया फायदा
पुलिस ने बताया कि ये पूरा मामला तब सामने आया जब बालागा की चापुरम ग्राम पंचायत के सत्य साईं नगर में सर्वे नंबर 35/13 (जिसमें प्लॉट नंबर 84, 85 और 86 शामिल हैं) में स्थित 900 वर्ग गज के खाली प्लॉट को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस के अनुसार, ये जमीन शिकायतकर्ता के पिता ने 1988 और 1992 में कानूनी रूप से खरीदी थी. बाद में वो काम के सिलसिले में हैदराबाद चले गए और ये संपत्ति खाली पड़ी रही.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जमीन के लंबे वक्त से खाली पड़े होने का फायदा उठाया. उन्होंने संपत्ति से जुड़े असली डॉक्यूमेंट्स जुटाए और मालिकाना हक का दावा करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए.
जिंदा व्यक्ति का बनाया डेथ सर्टिफिकेट
जांच अधिकारियों को पता चला कि इस गिरोह ने मूल जमीन मालिक अंदावरपु गोविंदराजुलु का फर्जी डेथ सार्टिफिकेट तैयार किया, जबकि वह जिंदा हैं. इस फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर आरोपियों ने एक धोखाधड़ीपूर्ण परिवार सदस्य प्रमाण पत्र हासिल किया और आरोपी अदाबला उर्फ अंदावरपु रजनी को एकमात्र कानूनी वारिस बनाकर पेश किया. जब आरोपियों ने जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाने की कोशिश की और असली मालिक के परिवार को धमकियां दीं, तब पुलिस शिकायत के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ.
पूर्व स्पीकर के बेटे के नाम हुई रजिस्ट्री
जांच के दौरान पुलिस ने तेलुगु सतीश कुमार की पहचान इस पूरे खेल के कथित मास्टरमाइंड के तौर पर की. SP के अनुसार, सतीश कुमार ने अपने साथियों त्रिनाथ और कूना पेद्दीराजू की मदद से फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाए और धोखाधड़ी से रजिस्ट्रेशन कराने में अहम भूमिका निभाई.
पुलिस का आरोप है कि पूर्व स्पीकर तमिनेनी सीताराम के बेटे तमिनेनी वेंकट श्रीरामुलु को संपत्ति का खरीदार दिखाया गया था. जांच में ये भी पता चला कि तमिनेनी सीताराम और उनकी पत्नी तमिनेनी वाणी भी इस कथित साजिश का हिस्सा थे. SP ने बताया कि इन तीनों ने कथित तौर पर अमादालावलसा में परिवार द्वारा चलाए जा रहे एक प्राइवेट डिग्री कॉलेज के 4 लेक्चरर्स से रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स पर गवाह के तौर पर साइन करवाए थे.
सब-रजिस्ट्रार की भूमिका पर सवाल
इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार बोड्डेपल्ली अरुणा को भी आरोपी बनाया है. पुलिस का आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन में मदद की थी. साथ ही उन्होंने 5 लाख रुपये से ज्यादा का लेनदेन होने के बावजूद बिना अनिवार्य पैन कार्ड वेरिफिकेशन या फॉर्म 60 जमा किए रजिस्ट्री पूरी कर दी गई.
पुलिस ने जांच के दौरान फर्जी सरकारी मुहरें और कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं. पुलिस अब ये पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह ने ऐसे अन्य फर्जीवाड़ों को भी अंजाम दिया था. पुलिस ने कहा कि बाकी आरोपियों का पता लगाने और ये पता करने के लिए जांच जारी है कि क्या नकली सरकारी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके प्रॉपर्टी के ऐसे ही और भी धोखाधड़ी वाले ट्रांज़ैक्शन किए गए थे.