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'फ्रॉड नहीं थे', संजय राउत ने अपनी किताब में विजय माल्या का किया बचाव, PM मोदी की भी जमकर तारीफ

संजय राउत की नई किताब 'बोध कीर्तन' में विजय माल्या को लेकर चौंकाने वाले विचार सामने आए हैं. राउत ने माल्या का बचाव करते हुए लिखा है कि वह फ्रॉड नहीं थे और उनकी नीयत किसी को ठगने की नहीं थी. उन्होंने माल्या को देश छोड़ने के लिए मजबूर किए जाने की बात भी कही.

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उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मौजूदगी में राउत अपनी किताब लॉन्च करेंगे. (File Photo- PTI)
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मौजूदगी में राउत अपनी किताब लॉन्च करेंगे. (File Photo- PTI)

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत की नई किताब 'बोध कीर्तन' का विमोचन कल शनिवार को होगा. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मौजूदगी में राउत अपनी किताब लॉन्च करेंगे. लेकिन इस किताब के सामने आने से पहले ही इसके कुछ अंशों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. 

दरअसल, किताब में संजय राउत ने अपने निजी अनुभवों, मुलाकातों और पढ़े हुए लेखों के आधार पर कई मुद्दों पर अपनी राय रखी है. इसमें उन्होंने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का बचाव करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की है.

संजय राउत ने किताब में विजय माल्या को लेकर लिखा है कि वह उन्हें काफी करीब से जानते थे. संसद और सेंट्रल हॉल में दोनों अक्सर आसपास बैठते थे. राउत के मुताबिक, माल्या मिलनसार, हंसमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्व के इंसान थे. 

राउत ने लिखा है कि माल्या की आलीशान जीवनशैली को लेकर लोगों के बीच गलतफहमियां बनीं, जबकि यह उनके कारोबार की जरूरत भी हो सकती थी. वह संसद के कई नेताओं से ज्यादा देशप्रेमी, दरियादिल और साफ दिल इंसान थे. उनकी नीयत किसी को ठगने की नहीं थी.

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राउत ने माल्या को भगोड़ा कहे जाने पर भी असहमति जताई है. उनका कहना है कि जब माल्या का कारोबार डूबा और बैंकों का कर्ज बकाया रह गया, तब बैंकों को उनकी मदद करनी चाहिए थी.

उन्होंने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए लिखा कि पिछले 10 साल में कई उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए गए, जबकि माल्या को कर्ज माफी नहीं, बल्कि थोड़ी राहत की जरूरत थी. राउत के मुताबिक, हालात ऐसे बनाए गए कि उन्हें देश छोड़ना पड़ा. इसलिए उन्हें फ्रॉड कहना सही नहीं है.

PM मोदी के गैर-राजनीतिक भाषणों की तारीफ

संजय राउत ने अपनी किताब के 'दीपस्तंभ' नाम के अध्याय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों का भी जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है कि मोदी के राजनीतिक भाषण भले ही ज्यादा दिलचस्प या अर्थपूर्ण न हों, लेकिन उनके गैर-राजनीतिक भाषण सुनने और पढ़ने में काफी अच्छे होते हैं.

राउत ने अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान भगवान राम पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की तारीफ की है. उन्होंने इसे 'शब्दों का भावुक दीपोत्सव' बताया है. उन्होंने लिखा है कि भगवान राम के आदर्श हर भारतीय के लिए दीपस्तंभ यानी मार्गदर्शक रोशनी का काम करेंगे.

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