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मुंबई में मराठी को लेकर ऑटो चालकों का चक्का जाम, ड्राइवर से मारपीट

मुंबई के कांदिवली लिंक रोड पर मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के विरोध में ऑटो-रिक्शा चालकों के प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक जाम हो गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ऑटो रोककर यातायात बाधित किया, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी हुई. इस दौरान मराठी भाषी ऑटो चालक प्रकाश शेजवाल के साथ मारपीट का आरोप भी लगा.

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कांदिवली लिंक रोड पर मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन.(Photo- ITG)
कांदिवली लिंक रोड पर मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन.(Photo- ITG)


मुंबई के कांदिवली लिंक रोड पर ऑटो-रिक्शा चालकों ने सड़क पर अपने वाहन रोककर मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसके चलते ट्रैफिक जाम हो गया. पिछले 20 मिनट से लिंक रोड पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई. कुछ यात्रियों को लेकर जा रहे ऑटो-रिक्शा चालकों को धमकी देने के आरोप भी लगाए गए. 

वहीं, गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा चालकों पर विरोध के तहत सड़क रोकने का आरोप है. इस बीच ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की. जॉइंट CP (ट्रैफिक) ने बताया कि अब ट्रैफिक सामान्य है.

कांदिवली में सोमवार सुबह मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध में ऑटो चालकों के प्रदर्शन के दौरान एक मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा चालक प्रकाश शेजवाल से मारपीट का आरोप लगा है. सोमवार सुबह कुछ ऑटो चालकों ने मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया. उन्होंने ऑटो-रिक्शा चलने से रोकने की कोशिश की.

शेजवाल ने आरोप लगाया कि वह यात्रियों को लेकर जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक लिया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उन्हें कोई समस्या नहीं है, क्योंकि वह मराठी हैं. इसके बाद कुछ ऑटो चालकों ने शेजवाल के साथ मारपीट की. कांदिवली पुलिस स्टेशन शेजवाल की शिकायत पर संज्ञान ले रहा है. 

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MNS नेता का बयान

MNS चर्कोप ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश सालवी ने कहा, 'हमें शेजवाल का फोन आया कि नॉर्थ इंडियन ऑटो-रिक्शा चालकों ने उनके साथ मारपीट की है. हम मौके पर पहुंचे. आरोपी एक वरिष्ठ नागरिक था, इसलिए हमने उसे MNS स्टाइल में जवाब नहीं दिया और पुलिस स्टेशन ले आए. मैं ऑटो चालकों से अपील करता हूं कि कानून अपने हाथ में न लें.'

ऑटो ड्राइवरों का क्या कहना

देवेंद्र प्रजापति प्रदर्शन कर रहे ऑटो चालकों में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि 'अगर आरटीओ अधिकारी हमें रोकते हैं और हम मराठी बोलने में सक्षम हैं, तो उन्हें इसकी लिखित मंजूरी देनी चाहिए. क्योंकि हमें बार-बार रोका जा रहा है. इससे डर का माहौल बना है और कई ऑटो चालक आज वाहन नहीं चला रहे हैं.'

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