लातूर जिला एडमिनिस्ट्रेशन ने ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए 173 गांवों और बस्तियों में 256 कुओं और बोरवेल को एक्वायर (अधिग्रहण) किया है. अधिकारियों ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ग्रामीण इलाकों के निवासियों को बिना किसी रुकावट के पीने के पानी की सप्लाई मिल सके.
पानी की किल्लत की चिंताओं के बीच अथॉरिटीज ने कुल 10 तहसीलों में इन प्राइवेट सोर्सेज को एक्वायर किया है. इसमें सबसे ज्यादा औसा तहसील में 51, अहमदपुर में 41 और निलंगा में 45 कुएं शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: Bombay High Court: पटाखों और तेज आवाज पर आदेश लागू करने में देरी, अफसरों को चेतावनी
इसका मकसद ग्रामीण बस्तियों और गांवों में जरूरत पड़ने पर प्राइवेट पानी के स्रोतों का इस्तेमाल करके पीने का पानी उपलब्ध कराना है. एक्वायर किए गए कुओं और बोरवेल का इस्तेमाल पहचाने गए इलाकों (आइडेंटिफाइड एरिया) में रहने वाले लोगों को पानी सप्लाई करने के लिए किया जा रहा है.
जिला एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह पहल ग्रामीण लातूर में पीने के पानी की कमी को रोकने और पानी पाने में मुश्किलों का सामना कर रहे गांवों के लोगों को राहत देने की कोशिशों का हिस्सा है.