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शिक्षक दिवस पर दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ को याद दिलाया कांग्रेस का वादा

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की रार कम होती नजर नहीं आ रही है. कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार से विवाद के बाद अब दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक बार फिर कांग्रेस का वादा याद दिलाया. दिग्विजय सिंह ने शिक्षक दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों से कांग्रेस वचन पत्र में किए गये वादों को कमलनाथ से पूरा करने की सलाह दी है.

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कमलनाथ और दिग्विजय सिंह
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह

  • दिग्विजय ने कमलनाथ को वचन पत्र की दिलाई याद
  • शिक्षकों से किए चुनाव में वादे पूरा करें कमलनाथ
  • शिक्षक दिवस पर दिग्विजय ने शिक्षकों की दी बधाई

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की रार कम होती नजर नहीं आ रही है. कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार से विवाद के बाद अब दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक बार फिर कांग्रेस का वादा याद दिलाया. उन्होंने शिक्षक दिवस के बहाने कमलनाथ से चुनावी घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने की नसीहत दी है.

दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को कहा, 'शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं. अतिथि शिक्षक व अतिथि विद्वान शिक्षकों को कांग्रेस वचन पत्र में किए गये वादों को हमें पूरा करना है. मुझे विश्वास है मुख्य मंत्री कमल नाथ कांग्रेस वचन पत्र में किया गया हर वचन पूरा करेंगे.'

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले दिए गए वचन पत्र में प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था. कांग्रेस ने कहा था कि सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर  शिक्षकों को नियमित कर दिया जाएगा.

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पूर्व में कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस करके गुरुजियों की भांति अतिथि शिक्षकों को भी नियमित करने की घोषणा की थी, जिसकी गारंटी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने ली थी, और कहा था कि 90 दिनों के भीतर अतिथि शिक्षकों का नियमितिकरण किया जाएगा. कांग्रेस को प्रदेश की सत्ता में आए 8 महीने हो गए हैं, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हो सका है. यही वजह है कि दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ से शिक्षक दिवस पर शिक्षकों से किए गए वादे को पूरा करने की याद दिलाई है.

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह इससे पहले भी मुख्यमंत्री कमलनाथ को वचन पत्र निभाने का वादा याद दिला चुके हैं. चुनावी नतीजे आने के बाद कमलनाथ को जब विधायक दल का नेता चुना गया था, उसी समय दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके कहा था, 'कांग्रेस विधायक दल द्वारा सर्वसम्मति से कमलनाथ को नेता चुन लेने पर सभी नव निर्वाचित विधायकों को हार्दिक धन्यवाद व बधाई. अब कमलनाथ कि जिम्मेदारी है कि खुद के द्वारा बनाए गए वचन पत्र का हर वचन पूरा करें. ताकि मप्र की जनता का विश्वास कांग्रेस में बना रहे.'

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 15 साल बाद मिली सत्ता के महज 8 महीने ही हुए हैं. मध्यप्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी अब चारदीवारी से बाहर सड़क पर आ गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में आपसी रस्साकसी का ही नमूना है कि कमलनाथ सरकार के वन मंत्री दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर कहते हैं.

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वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक खुलकर अपने नेता को मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं. इसके साफ जाहिर है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच जबर्दस्त गुटबाजी जगजाहिर है.

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