दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन श्री रमेशचंद्र अग्रवाल नहीं रहे. वे 73 वर्ष के थे. उनको बुधवार सुबह 11 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दिल का दौरा पड़ा. तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. वे मंगलवार सुबह भोपाल से दिल्ली गए थे. बुधवार सुबह 9.20 की फ्लाइट से वे 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे. विमान से उतरते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा. उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को भोपाल में किया जाएगा.
रमेशचंद्र अग्रवाल का जन्म 30 नवंबर 1944 को यूपी के झांसी जिले में हुआ था. हायर सेकंडरी तक की पढ़ाई उन्होंने झांसी में ही की थी. वहां उनके पिता सेठ द्वारका प्रसाद अग्रवाल का किताबों का व्यवसाय था. 1956 में रमेश अग्रवाल अपने पिता के साथ भोपाल आ गए. 1958 में भोपाल से ही दैनिक भास्कर अखबार की शुरुआत की. इसके बाद 1983 में इंदौर संस्करण की नींव डाली. 1996 में दैनिक भास्कर पहली बार एमपी की सीमा से बाहर निकला और राजस्थान पहुंचा.
रमेश अग्रवाल के विजन और स्पष्ट लक्ष्य का ही नतीजा है कि आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करणों के साथ न सिर्फ देश का नंबर वन अखबार है, बल्कि दुनिया का चौथा सबसे अधिक प्रसार संख्या वाला न्यूजपेपर भी है.
रमेश अग्रवाल ने यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली. उन्हें पत्रकारिता में राजीव गांधी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे ने उन्हें भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में भी शामिल किया था. उन्हें 2012 में फोर्ब्स ने भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में 95 नंबर पर रखा था.
रमेश अग्रवाल के निधन पर ने ट्वीट कर अपना शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, ''श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख पहुंचा. मीडिया जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के परिवार के साथ हैं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.''
My thoughts are with the family of Shri Ramesh Chandra Agarwal in this hour of sadness. May his soul rest in peace.
— Narendra Modi (@narendramodi)
Saddened by the passing away of Shri Ramesh Chandra Agarwal. His notable contribution to the media world will always be remembered.
— Narendra Modi (@narendramodi)
के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर शोक जताया. उन्होंने लिखा, "भास्कर समूह के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखदायी है. वे संवेदनशील, त्वरित निर्णय के लिए याद किए जाएंगे. मैं उनके परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. मप्र ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है."
श्री रमेश अग्रवाल जी के परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ। मध्यप्रदेश ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj)
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भी ट्वीट कर शोक जाहिर किया. उन्होंने लिखा, "रमेशचंद्र अग्रवाल के दुर्भाग्यपूर्ण और असामयिक निधन से धक्का लगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे."
Saddened to know about unfortunate ,untimely passing away of Ramesh Agarwal ji.condolences! RIP
— Suresh Prabhu (@sureshpprabhu)
रमेश अग्रवाल के परिवार में बेटे सुधीर अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल और बेटी भावना अग्रवाल हैं.