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MP: कांग्रेस का आरोप- राज्यपाल रोक रहे हैं मेयर चुनाव से जुड़ा बिल

कांग्रेस का आरोप है कि मध्य प्रदेश में मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव का बिल राज्यपाल के पास है जिसे उन्होंने अबतक उसे पास नहीं किया है.

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राज्यपाल लालजी टंडन (फाइल फोटो)
राज्यपाल लालजी टंडन (फाइल फोटो)

  • MP में मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव का बिल राज्यपाल के पास
  • BJP नेताओं ने की मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव रोकने की मांग

आपने दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली की केजरीवाल सरकार के बीच टकराव की खबरें तो देखीं और सुनी होंगी लेकिन अब लगता है कि मध्य प्रदेश में भी उसी तरह के हालात बन रहे हैं. ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि कांग्रेस का आरोप है कि मध्य प्रदेश में मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव का बिल राज्यपाल के पास है जिसे उन्होंने अबतक उसे पास नहीं किया है.

MP में भी दिल्ली जैसे हालात?

कमलनाथ कैबिनेट ने 25 सितंबर को निकाय एक्ट में पार्षदों के जरिए मेयर के चुनाव का बिल पास कर दिया था. रविवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट कर कहा कि राज्यपाल को महापौर चुनाव बिल नहीं रोकना चहिए.

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विवेक तन्खा ने ट्वीट किया, 'सम्मानीय राज्यपाल आप एक कुशल प्रशासक थे. संविधान में राज्यपाल कैबिनेट की अनुशंसा के तहत कार्य करते हैं. इसे राज्य धर्म कहते हैं. विपक्ष की बात सुनें, मगर महापौर चुनाव बिल नहीं रोके. यह गलत परंपरा होगी. जरा सोचिए'. जाहिर है कांग्रेस का आरोप है कि बिल राजभवन पहुंच चुका है जिसके पास होने का इंतजार फिलहाल सरकार कर रही है.

बीजेपी ने की राज्यपाल से मुलाकात

इस बीच बीजेपी नेताओं ने 4 अक्टूबर को राज्यपाल से मुलाकात कर रोकने की मांग की है. भोपाल के पूर्व और वर्तमान मेयर उमाशंकर गुप्ता और आलोक शर्मा ने राज्यपाल से मुलाकात की और ऑल इंडिया कौंसिल ऑफ मेयर की तरफ से उन्हें ज्ञापन सौंपा. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अप्रत्यक्ष प्रणाली से जो चुनाव कराने जा रही है इससे में अस्थिरता, भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा इसलिए इसपर रोक लगाई जाए.

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