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दलितों के घर खाना खाने पर बोलीं उमा भारती- हम राम नहीं जो उन्हें पवित्र कर दें!

हम भगवान राम नहीं हैं कि दलितों के साथ भोजन करेंगे, तो वो पवित्र हो जाएंगे. जब दलित हमारे घर आकर साथ बैठकर भोजन करेंगे, तब हम पवित्र हो पाएंगे. दलित को जब मैं अपने घर अपने हाथों से खाना परोसूंगी तब मेरा घर धन्य हो जाएगा.

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केंद्रीय मंत्री उमा भारती
केंद्रीय मंत्री उमा भारती

बीजेपी नेताओं के दलितों के घर खाना खाने के मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बिल्कुल अलग रुख अख्तियार किया है. दलितों के घर खाने की शुरुआत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने की थी. अब इस कड़ी में योगी सरकार के मंत्री भी दलितों का दिल जीतने उनके घरों में जाकर भोजन कर रहे हैं और गांव में रात्रि विश्राम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद भी प्रतापगढ़ और अमरोहा में दलित के घर जाकर खाना खाया था. केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इस पर सवाल उठाया है.

ने कहा कि हम भगवान राम नहीं हैं कि दलितों के साथ भोजन करेंगे, तो वो पवित्र हो जाएंगे. जब दलित हमारे घर आकर साथ बैठकर भोजन करेंगे, तब हम पवित्र हो पाएंगे. दलित को जब मैं अपने घर अपने हाथों से खाना परोसूंगी तब मेरा घर धन्य हो जाएगा.

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उमा भारती मध्यप्रदेश के छतरपुर के नौगांव के ददरी गांव में संत रविदास के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंची थीं. इस दौरान धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक समरसता भोज का आयोजन भी किया गया था.

उमा भारती ने लिखा कि मंच के पीछे खड़े पत्रकारों ने मुझसे पूछा कि आप दलितों के साथ भोजन नहीं करना चाहतीं? मैं दंग रह गई और साथ ही यह रहस्य भी खुल गया कि ऐसी बात भी बनाई जा सकती है.

दूसरे ट्वीट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं दलित वर्गों के लोगों को अपने घर में, अपने साथ डाइनिंग टेबल पर बिठाकर भोजन करती हूं और मेरे परिवार के सदस्य उन्हें भोजन परोसते हैं. इसी से मेरा घर धन्य हो जाता है और हम पवित्र होते हैं.

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