जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में गुरुवार को केनरा बैंक में हुई दिनदहाड़े डकैती ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया. हथियारबंद बदमाश बैंक में घुसे, कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाया और चेस्ट खुलवाकर कैश और सोना लेकर फरार हो गए. अब इस मामले की जांच के लिए 20 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है और पुलिस ने पांच संदिग्ध लुटेरों पर इनाम घोषित किया है.
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9:10 बजे बैंक का प्यून बैंक खोलने पहुंचा था. इसी दौरान करीब पांच से सात हथियारबंद बदमाश बैंक में दाखिल हुए और प्यून को निशाना बना लिया. इसके बाद बैंक के दूसरे कर्मचारी पहुंचते गए और बदमाश उन्हें भी बंधक बनाते गए. करीब 10 बजे बैंक मैनेजर के पहुंचने के बाद बदमाशों ने उन्हें भी अपने कब्जे में ले लिया. आरोप है कि हथियारों के बल पर बैंक का चेस्ट खुलवाया गया और वहां रखी नकदी और सोने के गहने लेकर बदमाश फरार हो गए.
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डकैती के दौरान सिक्योरिटी गार्ड के साथ मारपीट की गई. बैंक के फर्श पर खून के धब्बे मिलने के बाद पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया है. बैंक से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बदमाश करीब 42 लाख रुपये नकद लेकर गए हैं. इसके अलावा बैंक में रखे सोने के गहनों के करीब 650 पैकेट भी लूटे गए हैं. इन गहनों का कुल वजन लगभग 23 किलो बताया जा रहा है. सोने की कीमत को लेकर शुरुआती अनुमान 32 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है. हालांकि लूटे गए सोने की कीमत का अंतिम आकलन जांच और बैंक के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा.
20 सदस्यीय SIT, कई राज्यों में छापेमारी
वारदात के बाद पुलिस ने जांच के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय एसआईटी गठित की है. टीम में तकनीकी जांच, सत्यापन और सुरागों को जोड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं. पुलिस CCTV फुटेज के जरिए अपराधियों की पहचान करने में जुटी है. फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्धों की तस्वीरें भी सामने आई हैं.
पुलिस इन तस्वीरों का वेरिफिकेशन कर रही है और जरूरत पड़ने पर इन्हें सार्वजनिक कर लोगों से पहचान में मदद मांगी जाएगी. जांच टीम कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. पुलिस ने वारदात में शामिल बताए जा रहे पांच अपराधियों के बारे में सूचना देने वालों के लिए कुल 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है. पुलिस CCTV फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इनकी पहचान और तलाश में जुटी है.
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एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारीब के मुताबिक, पुलिस को जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और टीम लगातार उन पर काम कर रही है. CCTV फुटेज से मिले फोटो के आधार पर संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक और कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा जमशेदपुर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और बैंक अधिकारियों तथा जांच टीम से घटना की जानकारी ली.
जांच के दौरान वारदात का क्राइम सीन री-क्रिएट भी किया गया. पुलिस ने यह समझने की कोशिश की कि बदमाश किस रास्ते से बैंक में दाखिल हुए, उन्होंने कर्मचारियों को किस तरह अपने कब्जे में लिया और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए. रांची से पहुंची एफएसएल टीम ने भी बैंक के अंदर और बाहर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए. जांच टीम ने फिंगरप्रिंट समेत दूसरे फॉरेंसिक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं.
बैंक का अलार्म खराब था
जांच में बैंक के अलार्म सिस्टम के खराब होने की बात भी सामने आई है. पुलिस अब यह भी देख रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी बैंकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए जाएंगे. फिलहाल पुलिस का फोकस पांच संदिग्ध अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी पर है. CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य, तकनीकी जांच और दूसरे सुरागों को जोड़कर पुलिस लुटेरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.