झारखंड के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से सामने आया एक मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. स्टेशन के सेकंड एंट्री परिसर में नाबालिग के साथ मारपीट की घटना के बाद पूछताछ में उसके साथ कथित दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया. नाबालिग के बयान के आधार पर चक्रधरपुर महिला थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नामजद आरोपी पिक्लू प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी है.
भरोसे में लेकर शादीशुदा युवक ले गया था गुजरात
बताया जाता है कि सोमवार को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के सेकंड एंट्री परिसर में एक नाबालिग के साथ मारपीट की सूचना आरपीएफ और जीआरपी को मिली थी. सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और रेल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को संरक्षण में लेकर उससे पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान नाबालिग काफी डरी-सहमी हुई बताई गई और वह अपनी बात स्पष्ट रूप से बताने की स्थिति में भी नहीं थी.
पूछताछ के दौरान नाबालिग ने पुलिस को बताया कि एक शादीशुदा युवक उसे अपने भरोसे में लेकर अपने साथ ले गया था. आरोप है कि इसके बाद पिछले कुछ समय से उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और वहां उसके साथ पिक्लू प्रधान और उसके दोस्तों ने मिलकर दुष्कर्म किया गया. नाबालिग ने चक्रधरपुर के जोड़ो गांव निवासी पिक्लू प्रधान का नाम भी पुलिस को बताया है.
नाबालिग के आरोपों के अनुसार, उसे करीब एक महीने तक गुजरात में भी रखा गया था. वहां भी उसके साथ कथित तौर पर गलत काम किया गया. इसके अलावा उसने ईंट भट्ठे में भी दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नाबालिग को किन-किन स्थानों पर ले जाया गया व इस दौरान उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे.
बताया जा रहा है कि सोमवार को आरोपी नाबालिग को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़कर चला गया था. बाद में वह दोबारा स्टेशन के सेकंड एंट्री परिसर में पहुंचा और नाबालिग को वहां बुलाया. इसी दौरान कथित तौर पर कुछ युवकों द्वारा नाबालिग के साथ मारपीट की गई. मारपीट की इस घटना के बाद मामला आरपीएफ और जीआरपी के संज्ञान में आया और पूछताछ के दौरान दुष्कर्म के गंभीर आरोप सामने आए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस ने नाबालिग से आवश्यक जानकारी जुटाई और आगे की कार्रवाई शुरू की. इस दौरान नाबालिग ने अधिकारियों को बताया कि उसने काफी समय से कुछ खाया नहीं है और वह भूखी है. उसकी स्थिति को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी उसे भोजन कराने के लिए ले गए. इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नाबालिग को चक्रधरपुर महिला थाना के सुपुर्द किया गया.
पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर नामजद आरोपी पिक्लू प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. साथ ही नाबालिग के बयान में सामने आए अन्य युवकों और घटनास्थलों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग को कथित तौर पर गुजरात कैसे ले जाया गया और वहां उसे किस परिस्थिति में रखा गया.
आरोपों की सच्चाई जांचने में जुटी पुलिस
घटना के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों की पूरी सच्चाई क्या है.
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने मामले का संज्ञान लिए जाने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चक्रधरपुर थाना प्रभारी को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.