कानपुर में साइबर ठगों की हिम्मत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक डेयरी कारोबारी के बैंक खाते से 2.80 लाख रुपये निकालने के बाद साइबर ठग ने खुद उसे फोन किया और चुनौती भरे अंदाज में कहा कि तुम्हारे खाते से 2 लाख 80 हजार रुपये उड़ा दिए हैं. औकात है तो साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर दो. देखता हूं मेरा क्या कर लोगे. इस घटना ने साइबर अपराधियों की बढ़ती बेखौफी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित कारोबारी का कहना है कि उसने न किसी लिंक पर क्लिक किया, न किसी को बैंक खाते की जानकारी दी और न ही कोई ओटीपी साझा किया. इसके बावजूद उसके खाते से लाखों रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो गए.
मामला कानपुर के गोविंद नगर इलाके का है. यहां रहने वाले ज्ञानू सिंह डेयरी की डीलरशिप चलाते हैं. ज्ञानू सिंह के मुताबिक, 24 तारीख को उनके पास एक फोन आया. फोन करने वाले ने कहा कि उसका पैन कार्ड उसे मिला है और उसने पैन कार्ड की फोटो व्हाट्सएप पर भेजी है. उसने कहा कि फोटो देखकर पुष्टि कर लें. ज्ञानू सिंह ने बताया कि उन्हें पहले से साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी थी. इसलिए उन्होंने फोन करने वाले से कहा कि उनका पैन कार्ड घर पर सुरक्षित रखा है. इस पर आरोपी ने कहा कि नहीं, पहले फोटो देख लीजिए. इसके बाद उसने पूछा कि वह कहां रहते हैं.
पैन कार्ड मिलने का झांसा देकर शुरू की बातचीत
ज्ञानू सिंह ने बताया कि उन्होंने आरोपी को गुमराह करने के लिए कहा कि वह गुरुग्राम में रहते हैं, जबकि वह कानपुर में थे. इस पर आरोपी ने कहा कि पैन कार्ड उसे गुरुग्राम चौराहे के पास मिला है. तब उन्हें पूरा शक हो गया कि फोन करने वाला उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने उसे डांटकर फोन काट दिया. दोनों के बीच कहासुनी भी हुई. इसके बाद ज्ञानू सिंह इंडसइंड बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी. बैंक अधिकारियों ने उन्हें सलाह दी कि यदि कोई लिंक भेजा जाए तो उसे बिल्कुल न खोलें.
ज्ञानू सिंह का कहना है कि उन्होंने किसी भी लिंक को नहीं खोला. इसके बावजूद कुछ समय बाद उसी व्यक्ति का फिर फोन आया. इस बार उसने कहा, देखो, तुम्हारे खाते से 2 लाख 80 हजार रुपये निकाल दिए हैं. अगर हिम्मत है तो साइबर सेल के 1930 नंबर पर शिकायत कर दो. यह सुनकर ज्ञानू सिंह बैंक पहुंचे और अपने खाते की जांच कराई. खाते की जानकारी देखने पर उनके होश उड़ गए. उनके खाते से वास्तव में 2.80 लाख रुपये निकल चुके थे.
उन्होंने बताया कि 2.80 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे. इसमें एक लाख रुपये एक खाते में भेजे गए, जबकि बाकी रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि जब उन्होंने न कोई लिंक खोला, न कोई बैंक जानकारी साझा की और न ही कोई ओटीपी बताया, फिर भी खाते से पैसे कैसे निकल गए. घटना के बाद ज्ञानू सिंह ने गोविंद नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
फोन नंबरों के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
गोविंद नगर थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि एक डेयरी कारोबारी के खाते से 2.80 लाख रुपये निकलने की शिकायत मिली है. कारोबारी का कहना है कि रकम निकालने वाले व्यक्ति ने खुद फोन कर इसकी जानकारी दी और चुनौती भी दी. पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के पास आए सभी फोन नंबर और अन्य उपलब्ध जानकारियां जांच के दायरे में हैं. पुलिस इन नंबरों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और पूरे घटनाक्रम को कैसे अंजाम दिया गया. यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर साइबर ठग वारदात के बाद गायब हो जाते हैं, लेकिन इस मामले में आरोपी ने खुद पीड़ित को फोन कर पैसे निकालने की जानकारी दी और शिकायत करने की चुनौती भी दी. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.