हरियाणा के पंचकूला स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में मारपीट का शिकार हुई मासूम बच्ची के परिवार के लिए आखिरकार राहत और खुशी की खबर सामने आई है. जिंदगी और मौत के बीच लंबी जंग लड़ने के बाद बच्ची को चंडीगढ़ पीजीआई से उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है. बच्ची जब अपने माता-पिता के साथ खुशी-खुशी घर लौट रही है तो परिवार के चेहरों पर लंबे समय बाद सुकून और मुस्कान दिखाई दी.
पिछले कई दिनों से जिस घर में चिंता, डर और दुआओं का माहौल था, वहां अब बच्ची की वापसी से खुशियों ने दस्तक दी है. इस दर्दनाक घटना ने न केवल पंचकूला बल्कि पूरे देश के लोगों को झकझोर कर रख दिया था. मासूम की सलामती के लिए हजारों लोगों ने दुआएं कीं. अब बच्ची के अस्पताल से घर लौटने की खबर ने उन सभी लोगों को राहत दी है, जो लगातार उसकी सेहत में सुधार की कामना कर रहे थे.
बच्ची के भविष्य को संवारने के लिए समाजसेवी आए आगे
एक तरफ जहां बच्ची और उसका परिवार इस मुश्किल दौर से उबरने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ समाज के कुछ संवेदनशील लोग उसके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आगे आए हैं. समाजसेवी अनिल थापर ने बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है.
उन्होंने संकल्प लिया है कि बच्ची जब तक पढ़ाई करेगी, उसकी शिक्षा पर होने वाला पूरा खर्च वह स्वयं वहन करेंगे. आज इस नन्ही परी की घर वापसी सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की दुआओं की जीत है, जिन्होंने उसके लिए हाथ उठाए थे.
उम्मीद है कि समय के साथ उसके जख्म भरेंगे, चेहरे पर मुस्कान लौटेगी और वह फिर से किताबों, खेलों और अपने सुनहरे सपनों की दुनिया में लौट सकेगी. आपको बता दें कि क्लास एक में पढ़ने वाली इस बच्ची को उसकी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 3 के छात्र ने पत्थरों से पीटा था. जिससे बच्ची की हालत गंभीर हो गई थी.
(उमंग सिरोन)