वडोदरा में कपूराई पुलिस ने एक बड़े ठगी गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो सुलेमानी काला पत्थर के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बनाता था. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य संभावित संबंधों की जांच जारी है. जानकारी के अनुसार, यह गिरोह दावा करता था कि उनके पास एक ऐसा चमत्कारी पत्थर है जिसे पास रखने से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता. यहां तक कि चाकू और ब्लेड जैसी तेज चीजें भी शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा सकतीं. इसी झांसे में लोगों को फंसाकर यह गिरोह मोटी रकम वसूलने की कोशिश करता था.
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब वडोदरा के कलादर्शन चार रास्ता इलाके में रहने वाले ज्योतिषी योगेशभाई पंड्या को उनके ड्राइवर मनोज के जरिए भावनगर के रहने वाले विजयसिंह गोहिल के बारे में जानकारी मिली. विजयसिंह ने दावा किया कि उसके पास एक ऐसा सुलेमानी पत्थर है जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपये है और जिसे रखने से कोई भी हथियार शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा सकता.
लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने एक एडिट किया हुआ फर्जी वीडियो भी भेजा, जिसमें एक व्यक्ति के हाथ पर ब्लेड से वार करने के बाद भी खून नहीं निकलता दिखाया गया था. इस वीडियो के जरिए लोगों को यह यकीन दिलाने की कोशिश की गई कि पत्थर सच में चमत्कारी है. इसके बाद कंचनबेन नाम की एक परिचित महिला ने जगदीशभाई नाम के व्यक्ति को इस पत्थर को खरीदने के लिए राजी किया. सौदा पक्का करने के लिए विजयसिंह गोहिल, महबूब, अकरम और उनका ड्राइवर वडोदरा के कपूराई चौकड़ी पहुंचे.
50 हजार की फिरौती की धमकी
शाम के समय शिकायतकर्ता के घर पर ग्राहक जगदीशभाई की मौजूदगी में पत्थर का लाइव डेमो दिया गया. आरोपियों ने पहले कैंची से बाल काटने का नाटक किया और फिर ब्लेड और चाकू से हाथ पर वार करने का दिखावा किया. इस डेमो के बाद जगदीशभाई को यकीन हो गया और उन्होंने भरोसा कर लिया कि पत्थर वास्तव में चमत्कारी है.
इसके बाद विजयसिंह ने इस पत्थर की कीमत 20 करोड़ रुपये बताई. अगले दिन सभी आरोपी वडोदरा के कपूराई चौकड़ी के पास स्थित माउंट व्यू होटल के कमरा नंबर 210 में आगे की बातचीत के लिए इकट्ठा हुए. इस दौरान ग्राहक जगदीशभाई ने खरीदारी से पहले एक बार फिर डेमो देखने की मांग की. इस पर आरोपी भड़क गए और उन्होंने कहा कि पहले पैसे दिखाओ तभी डेमो मिलेगा. इसी बात पर ग्राहक को शक हुआ और वह वहां से चला गया.
सौदा फेल होने के बाद गिरोह ने अपना असली रूप दिखा दिया. उन्होंने ज्योतिषी योगेशभाई पंड्या और उनके दोस्त दीपक को कमरे में बंधक बना लिया और 50 हजार रुपये की फिरौती की मांग की. उन्होंने धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर जान से मार दिया जाएगा. हालांकि, योगेशभाई ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को बचाने का तरीका निकाला. उन्होंने एटीएम से पैसे निकालने का बहाना बनाया और अपने दोस्त के साथ वहां से भागने में सफल हो गए. इसके बाद उन्होंने सीधे कपूराई पुलिस स्टेशन पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी.
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और होटल में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके पास से संबंधित सामान भी बरामद किया है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी भावनगर के रहने वाले हैं और यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने पहले भी इसी तरह की ठगी की घटनाएं की हैं या नहीं. फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है.