गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है. राज्य सरकार द्वारा नियमों की घोषणा किए जाने के बाद यह पूरे राज्य में लागू हो जाएगा. इसके साथ ही गुजरात देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जहां UCC के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली है.
बता दें, कानून की नजर में सब एक समान होते हैं. शादी, तलाक,एडॉप्शन, उत्तराधिकार, विरासत लेकिन सबसे बढ़कर लैंगिक समानता वो कारण है, जिस वजह से यूनिफार्म सिविल कोड की आवश्यकता महसूस की जाती रही है.
समान नागरिक संहिता का मतलब है विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नियम. भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो.
UCC जिस राज्य में लागू की जाएगी वहां, शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा