अहमदाबाद के थलतेज में रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने शादी के करीब 21 साल बाद अपने प्रिंसिपल पति के खिलाफ दहेज मांगने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. महिला की शिकायत पर बोडकदेव पुलिस ने पति हर्षद के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. महिला का आरोप है कि लंबे समय से चल रही घरेलू प्रताड़ना कई बार मारपीट तक पहुंची.
महिला की पहचान लता बहन के रूप में हुई है. वह फिलहाल अहमदाबाद जिले के वीरमगाम में अपने माता-पिता और बहन के साथ रह रही हैं. शिकायत के मुताबिक, 23 अगस्त को हर्षद ने थलतेज स्थित घर में लता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की. आरोप है कि इस दौरान पति ने घर के बढ़ते खर्च और मायके से कुछ नहीं लाने को लेकर सवाल किए और कहा कि सारा खर्च उसे ही उठाना पड़ रहा है.
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मारपीट में लता घायल हो गईं. अगले दिन 24 अगस्त को उन्होंने सिविल अस्पताल में इलाज कराया. इसकी जानकारी मिलने पर मायके वालों ने उन्हें अपने पास बुला लिया. इसके बाद लता ने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया. FIR में उन्होंने शादी के बाद से अब तक के कई कथित घटनाक्रमों का जिक्र किया है.
शादी के कुछ महीने बाद शुरू हुआ विवाद
लता के मुताबिक, उनकी शादी हर्षद से साल 2005 में हुई थी. हर्षद फिलहाल वीरमगाम तालुका के एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं. दोनों की बड़ी बेटी एक निजी कॉलेज में पढ़ती है, जबकि छोटा बेटा छठी कक्षा में है. शादी के शुरुआती करीब ढाई साल लता ससुराल में रहीं. उस समय हर्षद ध्रांगध्रा के एक स्कूल में शिक्षक के तौर पर काम करते थे और शनिवार-रविवार को घर आते थे.
शिकायत के अनुसार, शादी के दो-तीन महीने बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गए थे. लता का आरोप है कि शुरुआत में खाने जैसी छोटी-छोटी बातों को लेकर हर्षद झगड़ा करते, गाली-गलौज और मारपीट करते थे. उन्हें पिता के घर भेज देने की धमकी देकर कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था. उस समय ससुर ने बीच-बचाव कर दोनों के बीच समझौता कराया था.
कुछ समय बाद उनकी छह महीने की बेटी की आंख में परेशानी हुई. आरोप है कि हर्षद ने बच्ची का इलाज कराने से इनकार कर दिया. इसके बाद लता बेटी को लेकर अपने मामा के घर सुरेंद्रनगर चली गईं, जहां बच्ची का इलाज कराया गया. बाद में वह बेटी के साथ ध्रांगध्रा स्थित पति के पास लौट आईं.
मकान के लिए मायके से पैसे लाने का आरोप
लता के मुताबिक, बेटी के साथ वापस लौटने के बाद हर्षद ने उनसे अपना मकान खरीदने के लिए पिता से पैसे लाने को कहा. लता के कहने पर उनके पिता ने मकान खरीदने के लिए हर्षद को रकम दी थी. उस समय लता के पिता ने कहा था कि उनकी चार बेटियां हैं और मकान खरीदने के बाद जब आर्थिक स्थिति ठीक हो तो पैसे वापस कर दिए जाएं.
लता का आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद जब उनके पिता ने रकम लौटाने की बात कही तो हर्षद ने विवाद किया. शिकायत में पति के हवाले से कहा गया है कि दहेज में कुछ नहीं दिया गया और अगर पैसे बेटी को मकान खरीदने के लिए दिए थे तो वापस क्यों मांगे जा रहे हैं. लता ने इसी तरह की बातों को कथित दहेज प्रताड़ना का हिस्सा बताया है.
लता के अनुसार, वह और हर्षद करीब सात साल तक ध्रांगध्रा में रहे. इसके बाद दोनों अहमदाबाद के थलतेज में रहने लगे. वहां आने के करीब तीन महीने बाद फिर घर के कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च को लेकर विवाद होने लगा. आरोप है कि इस दौरान भी हर्षद ने गाली-गलौज और मारपीट की.
बीमारी में भी मारपीट का आरोप, परिवार से भी विवाद
शिकायत के मुताबिक, परिवार की ओर से कई बार हर्षद को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं बनी. लता का आरोप है कि साल 2023 में जब वह बीमार हुईं, तब भी उनके साथ मारपीट की गई. बाद में जब वह अपने पिता के घर गईं तो हर्षद उन्हें वापस लेने पहुंचे.
लता का आरोप है कि उस दौरान हर्षद ने उनके माता-पिता के साथ भी गाली-गलौज और विवाद किया. शिकायत में पति के कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा गया है कि उन्होंने फिर दहेज में कुछ नहीं देने की बात कही. महिला के मुताबिक, शादी के वर्षों बाद भी दहेज को लेकर इस तरह के ताने और विवाद जारी रहे.
अब 23 अगस्त की कथित मारपीट के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा है. बोडकदेव पुलिस ने लता की शिकायत पर हर्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 115(2), 296(b) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत FIR दर्ज की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.