गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस थाने के अंदर एक युवक की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शहरकोटडा पुलिस थाने के इलेक्ट्रिक रूम में उत्तर प्रदेश के रहने वाले 39 वर्षीय राजू जाटव का शव मिला. राजू कुछ समय पहले तक जामनगर में मजदूरी करता था, लेकिन नौकरी छूटने के बाद वह अपने गांव लखीमपुर खीरी लौटना चाहता था. घर लौटने के लिए उसके पास टिकट के पैसे नहीं थे. इसी परेशानी में उसने पुलिस से मदद मांगी थी. पुलिस के मुताबिक राजू अपनी परेशानी लेकर खुद पुलिस के संपर्क में आया था. इसके बाद वह पुलिस थाने पहुंचा. कुछ समय बाद उसने थाने के अंदर मौजूद इलेक्ट्रिक रूम में जाकर अपनी जान दे दी. पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है.
अहमदाबाद ई डिवीजन की एसीपी वाणी दूधात ने बताया कि 14 सितंबर की सुबह करीब 3.48 बजे कागड़ापीठ पुलिस स्टेशन की पीसीआर वैन को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी. बताया गया था कि एक व्यक्ति असरवा रेलवे स्टेशन पर मौजूद है और उसे मदद की जरूरत है. सूचना मिलने के बाद पीसीआर वैन रेलवे स्टेशन पहुंची. वहां पुलिसकर्मियों ने कॉल करने वाले राजू जाटव से संपर्क किया. राजू ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसे एक व्यक्ति परेशान कर रहा है. हालांकि उसने यह नहीं बताया कि वह व्यक्ति कौन है, उसे किस वजह से परेशान किया जा रहा है और परेशानी की वजह क्या है. राजू ने पुलिसकर्मियों से थाने आने की इच्छा जताई. इसके बाद वह अपनी मर्जी से पुलिस स्टेशन आया.
रेलवे स्टेशन से पुलिस के संपर्क में आया था राजू
पुलिस के मुताबिक थाने में मौजूद स्क्वाड अधिकारी ने राजू से पूछताछ की. उसने अपनी उम्र 39 साल बताई और कहा कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का रहने वाला है. राजू ने बताया कि वह पिछले करीब तीन महीने से जामनगर के मोटी खावड़ी में मजदूरी कर रहा था. लेकिन उसे वहां से काम से निकाल दिया गया था. नौकरी छूटने के बाद वह अपने गांव लखीमपुर खीरी लौटना चाहता था. राजू जामनगर से ट्रेन के जरिए अहमदाबाद पहुंचा था. लेकिन अहमदाबाद से लखीमपुर खीरी जाने के लिए उसके पास टिकट के पैसे नहीं थे. इसी वजह से वह तनाव में था.
पुलिसकर्मियों ने राजू की परेशानी सुनने के बाद उसके परिजनों से फोन पर बात कराई. राजू ने अपने परिवार से लखीमपुर खीरी लौटने की इच्छा जताई. परिजनों ने उसे बताया कि लखीमपुर खीरी जाने के टिकट के लिए वे अगले दिन ऑनलाइन पैसे भेज देंगे. इसके बाद राजू ने इंचार्ज पुलिस अधिकारी से कहा कि उसके पास रात में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है. उसने कुछ समय के लिए पुलिस थाने की परिसर में रुकने की अनुमति मांगी. इंचार्ज अधिकारी ने राजू को थाने के वेटिंग एरिया में बैठने के लिए कहा. राजू वहां बैठ गया. लेकिन कुछ समय बाद वह वेटिंग एरिया के सामने मौजूद इलेक्ट्रिक रूम में चला गया और कमरे को अंदर से बंद कर लिया.
एसीपी वाणी दूधात के मुताबिक राजू की मौत का पता पुलिस को सुबह करीब 8 बजे चला. उस समय इलेक्ट्रिक रूम के अंदर काम होना था. पुलिसकर्मियों ने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब वह नहीं खुला तो पुलिसकर्मियों ने कमरे की खिड़की से अंदर देखा. वहां राजू मृत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई. पुलिस ने वीडियोग्राफी के बाद शव को नीचे उतारा. इसके बाद मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई.
पुलिस के मुताबिक सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई की गई. मामले की जांच में एफएसएल टीम की भी मदद ली गई है. पुलिस ने बताया कि मृतक राजू के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं. शहरकोटडा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर इस पूरे मामले की आगे जांच कर रहे हैं.
राजू को परेशान करने वाले शख्स की भी तलाश
पुलिस अब उस व्यक्ति के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिसका जिक्र राजू ने पुलिस से बातचीत के दौरान किया था. राजू ने पुलिस को बताया था कि कोई व्यक्ति उसे परेशान कर रहा है, लेकिन उसने उस व्यक्ति की पहचान या परेशानी की वजह नहीं बताई थी. पुलिस ने राजू के परिजनों को अहमदाबाद बुलाया है. उनके पहुंचने के बाद शव उन्हें सौंपा जाएगा. पुलिस राजू को परेशान करने वाले व्यक्ति और इसकी वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ करेगी. इसके अलावा पुलिस जामनगर में उस जगह भी जानकारी जुटाएगी, जहां राजू जाटव काम करता था. वहां के कर्मचारियों और मालिक से भी पूछताछ की जाएगी. पुलिस अब राजू की नौकरी छूटने, उसे परेशान किए जाने और थाने पहुंचने से लेकर उसकी मौत तक की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)