
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ 145 संगठनों की ओर से बुलाए गए विरोध मार्च के बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने 10 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड से जुड़े नोटिस को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी है. हालांकि, कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को आगे की प्रक्रिया के संबंध में कुछ अहम निर्देश भी दिए हैं.
कोर्ट ने कहा कि नेहा बोरा को मामले से जुड़ा पूरा मटेरियल दिया जाए. साथ ही, मजिस्ट्रेट को BNSS की धारा 135 के तहत बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पर विचार करना होगा. उन्हें यह भी देखना होगा कि बॉन्ड शुरुआत में ही भरवाया जाना चाहिए या पहले मामले की जांच के बाद इस पर फैसला लेना चाहिए. इसके अलावा, शांति भंग होने के खतरे की आशंका पर भी विचार करना होगा.
दूसरी तरफ, आशुतोष रांका और सौरव दास की एसईएम कोर्ट में करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई चली. इसके बाद दोनों को 17 नवंबर को दोबारा पेश होने के लिए कहा गया है. अब नेहा बोरा के पीस बॉन्ड के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है. कोर्ट इस मामले में थोड़ी देर में फैसला सुनाएगा.
CJP के आशुतोष रांका ने कहा कि जमानतदारों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है और सब कुछ ठीक रहा. उन्होंने बताया कि अब सुनवाई की नई तारीख नवंबर के तीसरे सप्ताह में दी गई है. क्राइम ब्रांच से मिले नोटिस पर रांका ने कहा कि अभी उन्हें सुनवाई की कोई निश्चित तारीख नहीं मिली है. पिछली तारीख पर वे पेश नहीं हो पाए थे और इसकी जानकारी क्राइम ब्रांच को दे दी थी. अधिकारियों ने समय की पुष्टि करने की बात कही थी, इसलिए वे अब क्राइम ब्रांच के जवाब का इंतजार कर रहे हैं.
- अशुतोष रांका, अजिंक्य और सौरव दास करीब डेढ़ घंटे बाद SEM कोर्ट से बाहर आए. इस दौरान उनके साथ उनकी लीगल टीम भी मौजूद रही. सौरव दास ने कहा कि वे सभी मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की. वहीं, आशुतोष रांका ने बताया कि क्राइम ब्रांच में सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अगली बार SEM कोर्ट में 17 नवंबर को पेश होना है.
- योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की अपील करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को वापस लेने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की है.

- CJP नेता आशुतोष रांका दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित SEM कोर्ट पहुंचे. कुछ देर बाद सौरव दास भी कोर्ट पहुंचे. कोर्ट ने दोनों को अगली सुनवाई में मौजूद रहने के लिए कहा था. सौरव दास ने कहा कि उन्हें कोर्ट ने बुलाया था, इसलिए वे आए हैं. उनके साथ लीगल टीम भी मौजूद थी.
- सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ प्रशांत भूषण ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में आज 'सेव डेमोक्रेसी डे' पर SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और EVM के खिलाफ नागरिकों ने विरोध मार्च निकाला. वह हिमाचल प्रदेश में ही विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं.
- भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार के वादे के मुताबिक गन्ने का दाम बढ़ाया जाना चाहिए और किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान मिलना चाहिए. उन्होंने धान की खरीद में भी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी खरीद ठीक से नहीं हो रही है.
- प्रदर्शन का बैनर CJP से बदलकर 'People Against SIR' कर दिया गया, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर लोगों की स्वतः जुटने वाली भीड़ अब भी जमीन पर नजर नहीं आ रही है.
- प्रकाश आंबेडकर ने कहा है कि वंचित बहुजन आघाड़ी चुनाव शुरू होने के बाद से ही चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों में 76 लाख वोट बढ़ने के आंकड़ों की जानकारी मांगने से लेकर 28 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च निकालने तक का जिक्र किया. आंबेडकर ने कहा कि इस मार्च में किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा नहीं होगा, बल्कि लोग तिरंगा लेकर शामिल होंगे. यह मार्च मुंबई के भायखला स्थित राजमाता उद्यान से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक निकाला जाएगा.
- इस प्रदर्शन को 145 संगठनों का समर्थन मिला है, जिनमें वामपंथी छात्र संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत अन्य संगठन शामिल हैं. प्रदर्शन में कांग्रेस सेवादल के सदस्य भी नजर आए. हालांकि, समर्थन देने के बावजूद AISA और CJP के सदस्य मौके पर दिखाई नहीं दिए. इस बैनर के तहत आज देश के 88 शहरों में प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं. इन प्रदर्शनों की जानकारी देने के लिए वेबसाइट पर लाइव ट्रैकर भी उपलब्ध कराया गया है.
- गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास करीब 200 लोग जुटे हैं. यह वही सड़क है जो सीधे चुनाव आयोग (ECI) के दफ्तर की ओर जाती है.
- दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास कई वामपंथी पार्टियों और छात्र संगठनों ने मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
- लेफ्ट संगठनों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास की सड़कों पर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात बंद रहेगा. बंगला साहिब गुरुद्वारे में करीब 200 लोग जमा हुए हैं.

SIR के खिलाफ 'पीपल अगेंस्ट SIR' गठबंधन और किसान संगठनों की तरफ से दोपहर 1 बजे बंगला साहिब गुरुद्वारे से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाला जाएगा. इस प्रदर्शन में प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, परकला प्रभाकर, प्रकाश राज और राकेश टिकैत समेत संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल किया जाए और देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं. मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. नई दिल्ली के कई हिस्सों में पहले से ही पाबंदियां लागू हैं.
आशुतोष रांका और सौरव दास की SEM कोर्ट में पेशी
CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को आज दोपहर 3 बजे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश होना है. दोनों को पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था. हालांकि, उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बॉन्ड और उससे जुड़ी शर्तों को लेकर आज की कार्यवाही अहम मानी जा रही है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी दोनों नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है.
नेहा बोरा केस में दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट आज शाम 6 बजे फैसला सुनाएगा. दिल्ली पुलिस ने उन्हें शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरने का नोटिस दिया था. नेहा बोरा ने इस नोटिस को अवैध बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी है. 22 अक्टूबर को जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने दोनों पक्षों की करीब तीन घंटे तक दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज इस मामले में अदालत का फैसला आने की उम्मीद है.