शीला दीक्षित अब नहीं रहीं हैं, लेकिन उनकी सौम्य, सहज और सुलझी हुई शख्सियत की छवि हमेशा लोगों के बीच रहेगी. 90 के दशक वाली दिल्ली को जानने वाला हर शख्स ये जानता है कि शीला दीक्षित ने कैसे इस शहर की पहचान बदल कर रख दी. उन्होंने भीषण जाम वाले शहर से फ्लाइओवर वाला शहर, ट्रैफिक से लड़ते दिल्लीवालों को रफ्तार की सौगात, डीजल वाली डीटीसी बसों की जगह सीएनसी वाली बसें, बिजली, स्कूल, अस्पताल और मेट्रो समेत कई सौगात दी हैं.
अब सबकुछ पीछे छूट गया और शीला दीक्षित शून्य में समा गईं हैं. दिल्ली की सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री ने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है. शनिवार दोपहर उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में शीला दीक्षित को भर्ती कराया गया लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी शीला दीक्षित की सांसें टूट गईं.
कांग्रेस दफ्तर लाया जाएगा पार्थिव शरीरशीला दीक्षित के पार्थिव शरीर को आज उनके घर से सुबह साढ़े 11 बजे कांग्रेस दफ्तर लाया जाएगा. दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक पार्थिव शरीर के दर्शन किए जा सकेंगे. इसके बाद वहां से पार्थिव शरीर को निगम बोध घाट ले जाया जाएगा, जहां 2.30 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा.

शीला के निधन से सियासी गलियारे में शोक की लहर
शीला दीक्षित के निधन के बाद सियासी गलियारे में शोक की लहर फैल गई. विपक्ष समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. राहुल और प्रियंका गांधी ने श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्विटर संदेश में शीला दीक्षित से अपने निजी लगाव का जिक्र किया. पार्टी के तमाम बड़े चेहरे शीला के अचानक चले जाने से सकते में हैं.
Deeply saddened by the demise of Sheila Dikshit Ji. Blessed with a warm and affable personality, she made a noteworthy contribution to Delhi’s development. Condolences to her family and supporters. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi)
The passing away of former Chief Minister of Delhi, Smt. Sheila Dixit is deeply saddening. She was a tall Congress leader known for her congenial nature.
Sheilaji was widely respected cutting across party lines. My thoughts are with her bereaved family & supporters. Om Shanti!
— Rajnath Singh (@rajnathsingh)
आदरणीय श्रीमती शीला दीक्षित जी ममतत्व की प्रतिमूर्ति थी| उन्होंने एक राजनेता होते हुये भी मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखा| देश उन्हें ममतत्वपूर्ण विकास के लिए हमेशा याद रखेगा|
— Lok Sabha Speaker (@loksabhaspeaker)
I’m devastated to hear about the passing away of Sheila Dikshit Ji, a beloved daughter of the Congress Party, with whom I shared a close personal bond.
My condolences to her family & the citizens of Delhi, whom she served selflessly as a 3 term CM, in this time of great grief.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
Sheilaji will always be remembered for her years of exemplary governance and immense contribution to the development of Delhi. I will miss her wise counsel, her sweet smile and the warmth with which she would hug me whenever we met.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
दिल्ली में दो दिन का राजकीय शोक
शीला दीक्षित के निधन के बाद करगिल शहीदों पर कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. शीला दीक्षित वर्ष 1998 से 2013 तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रही हैं. उनके आकस्मिक निधन के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया.