सरकार ने संसद भवन परिसर में उत्पात मचाने वाले बंदरों को भगाने के लिए फुर्तीले नौजवानों को नौकरी दी है, जो कि लंगूर की वेशभूषा धारण करके बंदर भगाएंगे.
सरकार ने गुरुवार को बताया कि संसद भवन परिसर में और आसपास बंदरों और कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज राज्यसभा को बताया कि कुत्तों को पकड़ने वालों का दल उन आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए सप्ताह में दो बार संसद भवन और इसके आसपास के क्षेत्रों में जाता है जिन कुत्तों का टीकाकरण और वन्ध्याकरण नहीं किया गया है.
उन्होंने अंबेथ राजन के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि बंदरों की समस्या से निपटने के लिए नयी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने वर्तमान में 40 प्रशिक्षित नौजवानों को किराए पर नियुक्त किया है. ये नौजवान लंगूर का रूप धारण कर बंदरों को डराते हैं और भगाते हैं. इसके अलावा एनडीएमसी ने बंदरों को डराने के लिए 'श्योर शॉट रबर बुलेट बंदूकें' भी प्राप्त कर ली हैं. एनडीएमसी ने बंदरों को डराने के लिए रबर की गोलियों का भी इंतजाम किया है.
नायडू ने कहा कि कुत्तों को पकड़ने की टीम संसद भवन और इसके बाहर के इलाके का सप्ताह में दो बार दौरा करेगी और बीमार, गंदे और आवारा कुत्तों को पकड़ेगी.