राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद से MCD फुल एक्शन मोड में है. शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ MCD कार्रवाई कर रही है. पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में गुरुवार को भी इमारतों को तोड़ने और सील करने का काम जारी है.
ललिता पार्क, लक्ष्मी नगर, मधु विहार और न्यू अशोक नगर जैसे इलाकों में बुलडोजर और हथौड़े चलाते हुए MCD की टीमों ने कार्रवाई तेज कर दी है. लक्ष्मी नगर के डी-ब्लॉक में अवैध इमारतों के खिलाफ मैन्युअल डिमोलिशन ड्राइव चलाई जा रही है.
जगत पुरी में भी तोड़फोड़ अभियान शुरू हो गया है. MCD ने यहां पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की. वहीं, सत्य निकेतन में 6 सितंबर को ढहे मकान के बगल वाली असुरक्षित इमारत को गिराने का काम लगातार दूसरे दिन भी जारी है.
न्यू अशोक नगर में भी MCD का एक्शन
दिल्ली के न्यू अशोक नगर मयूर कुंज सोसायटी के टॉप फ्लोर पर भी MCD डिमोलिशन ड्राइव चला रही है. इस इमारत को MCD ने पहले नोटिस भी दिया था. इसके बावजूद टॉप फ्लोर पर कंस्ट्रक्शन किया गया, ऐसे में एमसीडी के कर्मचारी यहां पर डिमोलिशन ड्राइव चला रहे हैं.
सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा प्रशासन
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत के ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद निगम पूरी तरह हरकत में आ गया है. MCD अब तक अपने 12 जोनों में 34 संपत्तियों पर बुलडोजर चला चुका है, जबकि 17 इमारतों को सील किया गया है. इसके साथ ही दिल्ली में मास्टर प्लान 2047 के तहत अवैध निर्माण, अनधिकृत पीजी और जर्जर इमारतों का सर्वे और सीलिंग अभियान चलाया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा MCD, 34 डिमोलिशन, 17 इमारतें सील….. अब आगे क्या?
1,200 से ज्यादा PG इमारतों का सर्वे पूरा
दिल्ली नगर निगम ने अब तक करीब 1,243 पीजी इमारतों का सर्वे किया है, जिनमें 24,000 छात्र और नौकरीपेशा लोग रह रहे हैं. MCD खासतौर पर 5 मंजिल से ज्यादा ऊंची RCC स्ट्रक्चर वाली और 4 मंजिल से ज्यादा ऊंची ईंट की दीवारों वाली इमारतों का सर्वे कर रही है.
MCD अधिकारियों को 10 सितंबर 2026 तक पूरे सर्वे का काम खत्म करने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके.